मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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मिजोरम में ₹350 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सिंधिया ने कहा - पूर्वोत्तर देश की तरक्की के लिए ज़रूरी

मिजोरम में विकास को गति देने के लिए सोमवार को लगभग 350 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण किया गया। केंद्रीय उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन पहलों की शुरुआत करते हुए…

मिजोरम में ₹350 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सिंधिया ने कहा - पूर्वोत्तर देश की तरक्की के लिए ज़रूरी
(फोटो: IANS)

मिजोरम में विकास को गति देने के लिए सोमवार को लगभग 350 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण किया गया। केंद्रीय उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन पहलों की शुरुआत करते हुए कहा कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर में बदलाव लाने और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को तेज करने के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री लालदुहोमा भी मौजूद थे।

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सिंधिया ने आइजोल के बाहरी इलाके तुइवामित में 'आइजोल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड म्यूजिक' का उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने नौ अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नींव भी वर्चुअली रखी। लेंगपुई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएं मिजोरम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

सड़क, बिजली से लेकर स्वास्थ्य तक

इन नौ नई परियोजनाओं में सड़क संपर्क, बिजली पारेषण, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और खेल के बुनियादी ढांचे से जुड़े काम शामिल हैं। ये परियोजनाएं नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (NESIDS) और नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत लागू की जा रही हैं।

प्रमुख कार्यों में डैडो वांगकावट रोड का अपग्रेडेशन, बैराबी से वेस्ट फाईलेंग तक 132-केवी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण, नॉर्थ वनलाइफाई जल आपूर्ति योजना का विस्तार, और विभिन्न जिलों में ऑयल पाम लिंक रोड को बेहतर बनाना शामिल है। साथ ही, एक आयुष विकास केंद्र, जेमाबॉक में एएनएम स्कूल के लिए 40 बिस्तरों वाला छात्रावास और राज्य भर में खेल के बुनियादी ढांचे का विकास भी इन योजनाओं का हिस्सा है।

'विकसित भारत' के लिए पूर्वोत्तर का महत्व

एक समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए, सिंधिया ने कहा कि उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में 35 बार उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने में इस क्षेत्र के महत्व पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने चंद्रयान-3 मिशन जैसी भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर राज्य देश की लगातार हो रही प्रगति के लिए बहुत जरूरी हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत मिजोरम में लगभग 375 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से करीब 75 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं। सिंधिया ने स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैंकिंग और निवेश पर भी ध्यान

सिंधिया ने यह भी घोषणा की कि मंगलवार को आइजोल में 'नॉर्थईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव' का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य संस्थागत ऋण (लोन) तक पहुंच में सुधार करना और पूरे क्षेत्र में, विशेषकर एमएसएमई और उद्यमियों के लिए निवेश को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि 2025 में हुए 'नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव' में क्षेत्र के लिए लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया था, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा मिजोरम के लिए था। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इन विकास पहलों के लिए केंद्र सरकार और सिंधिया का धन्यवाद किया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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