मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, कांग्रेस ने बताया 'करो या मरो' की लड़ाई
कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन लोकतंत्र, वोटरों और देश के आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए 'करो या मरो' की लड़ाई लड़ रहा है। यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार…
कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन लोकतंत्र, वोटरों और देश के आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए 'करो या मरो' की लड़ाई लड़ रहा है। यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हमारा सीधा मकसद मतदाताओं और आम लोगों की रक्षा करना है।"
यह सब उस दिन हुआ जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लगातार दूसरे दिन इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए लंच का आयोजन किया। राष्ट्रीय राजधानी के एक रेस्तरां में हुई इस बैठक के बाद नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा की।
राष्ट्रपति से मुलाकात का अनुरोध और पुलिस पर आरोप
केसी वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए पहले ही समय मांगा है। उन्होंने बताया, "पहला अनुरोध 2 अक्टूबर को भेजा गया था," जिसके बाद राष्ट्रपति भवन ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। वहीं, कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया। वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ पांच सांसदों के साथ बैठे थे, लेकिन पुलिस ने छात्रों और युवाओं पर हमला किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के तरीके को "बहुत बेरहम" बताया।
'जनता की आवाज दबा रही सरकार'
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें चुनाव आयुक्तों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया, "देश में सत्ता में बैठी तानाशाही ताकत देश के लोगों की आवाज दबाना चाहती है।" हुड्डा ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनाव नहीं होने दिए जाएंगे। सीपीआई सांसद पी संतोष कुमार ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि करीब 200 सांसदों को रोकने के लिए 40,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और जंतर-मंतर को विपक्ष के लिए बंद कर दिया गया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन
विपक्षी नेताओं ने साफ किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा, "यह प्रदर्शन राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, वेणुगोपाल और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के नेतृत्व में जारी रहेगा।" वहीं, सांसद विवेक तन्खा ने भी कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और उस पर भरोसा बहाल होने तक इसका कोई समाधान नहीं है। उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी पर लगे बदसलूकी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एफआईआर गलत इरादे से दर्ज की गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने भी कहा कि उनकी पार्टी इस लड़ाई में कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के साथ खड़ी है।
इनपुट: IANS



