EVM की जगह बैलेट पेपर, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग: DMK सांसदों ने पारित किए 4 प्रस्ताव
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के संसदीय दल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है…
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के संसदीय दल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने अपनी इन मांगों को लेकर राष्ट्रपति से संपर्क करने का फैसला किया है।
शनिवार को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय 'अन्ना अरिवालयम' में मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में सांसदों की एक बैठक हुई। मुरासोली मारन बैठक हॉल में आयोजित इस बैठक में कुल चार प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कई अहम मांगें शामिल हैं।
चुनाव सुधार और राष्ट्रपति से अपील
बैठक में पारित एक प्रमुख प्रस्ताव के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को भी रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि वह इन कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रपति को एक याचिका सौंपेगी। हालांकि, एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी द्वारा जारी बयान में इन कथित अनियमितताओं के विशिष्ट मामलों या CEC को हटाने के कारणों का ब्योरा नहीं दिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
पार्टी ने अपने अन्य प्रस्तावों में कुछ राजनीतिक दलों की आलोचना की और छात्र आंदोलनों को समर्थन देने का फैसला किया। एक प्रस्ताव में कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया गया, लेकिन इस आलोचना के पीछे की घटनाओं का कोई विवरण नहीं दिया गया। एक अन्य प्रस्ताव में छात्र संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने का निर्णय लिया गया, हालांकि इसमें भी संबंधित संगठनों या उनकी मांगों का उल्लेख नहीं था।
कुल मिलाकर, इन प्रस्तावों के माध्यम से डीएमके ने चुनावी प्रशासन, मतदान प्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए अपनी मांगों को राष्ट्रपति के समक्ष मजबूती से रखने की रणनीति बनाई है।
इनपुट: IANS



