बिहार ग्रामीण बैंक में वर्षों पुराना श्रम विवाद समाप्त, 10,900 से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा ₹77.69 करोड़ का लाभ
बिहार ग्रामीण बैंक के लगभग 10,900 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबे समय से चल रहे दो बड़े औद्योगिक विवादों को सफलतापूर्वक सुलझा…
बिहार ग्रामीण बैंक के लगभग 10,900 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबे समय से चल रहे दो बड़े औद्योगिक विवादों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। इस समाधान के बाद कर्मचारियों को कुल मिलाकर लगभग 77.69 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण समझौते की जानकारी दी। यह सफलता भारत सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के तहत पटना के सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के मध्यस्थता और सुलह के प्रयासों से संभव हुई। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इसे कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उद्योगों में सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
दो समझौतों से कैसे मिलेगा लाभ?
कुल दो अलग-अलग समझौते हुए हैं, एक अधिकारी संघ के साथ और दूसरा कर्मचारी संगठन के साथ, जिससे बैंक के सभी स्तर के कर्मचारियों को फायदा होगा।
अधिकारियों के लिए समझौता: पहला समझौता बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ और प्रबंधन के बीच हुआ है। इससे लगभग 8,400 कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिसका कुल वित्तीय प्रभाव करीब 67.17 करोड़ रुपये आंका गया है। इस समझौते में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI), कार्यवाहक भत्ता, वेतन वृद्धि, यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति जैसी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं।
कर्मचारियों के लिए समझौता: दूसरा समझौता बिहार ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन (BGBWO) और प्रबंधन के बीच हुआ। इससे लगभग 2,500 कर्मचारियों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है, जिन्हें करीब 10.52 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ मिलेंगे। इसमें लगभग 9.02 करोड़ रुपये का लाभ सालाना और आवर्ती होगा।
किन मुख्य मांगों पर बनी सहमति?
कर्मचारियों के साथ हुए समझौते में कई महत्वपूर्ण मांगों का समाधान किया गया है। इनमें 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करना, मकान किराया भत्ता (HRA) बढ़ाना, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए परिवहन भत्ते में वृद्धि, ओवरटाइम का भुगतान, पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और बातचीत के लिए एक नेगोशिएटिंग काउंसिल का गठन करना शामिल है। मंत्रालय का मानना है कि इन समझौतों से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि बैंक में औद्योगिक शांति और बेहतर काम का माहौल भी बनेगा।
इनपुट: IANS



