गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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केरल: CMRL डायरी के एक पन्ने से सियासी तूफान, सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेताओं पर लगे गंभीर आरोप

केरल की राजनीति में एक डायरी के पन्ने ने भूचाल ला दिया है, जिसमें कथित तौर पर सत्ताधारी लेफ्ट और विपक्षी यूडीएफ, दोनों खेमों के कई शीर्ष नेताओं को किए गए भुगतान का ब्योरा दर्ज है। समाचार एजेंसी IANS…

केरल: CMRL डायरी के एक पन्ने से सियासी तूफान, सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेताओं पर लगे गंभीर आरोप
(फोटो: IANS)

केरल की राजनीति में एक डायरी के पन्ने ने भूचाल ला दिया है, जिसमें कथित तौर पर सत्ताधारी लेफ्ट और विपक्षी यूडीएफ, दोनों खेमों के कई शीर्ष नेताओं को किए गए भुगतान का ब्योरा दर्ज है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पन्ना कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के प्रबंध निदेशक एस. शशिधरन कार्था की डायरी का हिस्सा है, जो अब जांचकर्ताओं के कब्जे में है। इस खुलासे के बाद भाजपा ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

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यह विवाद तब और गहरा गया जब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने इस पन्ने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की। पिछले तीन साल से सीएमआरएल-एक्जालॉजिक मामले पर नजर रख रहे जॉर्ज ने सवाल उठाया, "विजिलेंस जांच क्यों नहीं हो रही है? इस पेज पर दिए गए आंकड़े कई सवालों के जवाब देते हैं।"

डायरी में किन नेताओं के नाम हैं?

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शोन जॉर्ज ने दावा किया कि इस पन्ने में कई प्रमुख राजनेताओं के नाम दर्ज हैं। सूची में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनके पूर्व कैबिनेट सहयोगी पी. राजीव, के.बी. गणेश कुमार, और वरिष्ठ सीपीएम नेता एलामराम करीम और एम.वी. गोविंदन शामिल हैं।

इसके अलावा, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन, पूर्व गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, मंत्री के. मुरलीधरन और शिबू बेबी जॉन जैसे कांग्रेस और यूडीएफ के बड़े नेताओं के नाम भी इसमें होने का दावा किया गया है। जॉर्ज ने आरोप लगाया कि ये एंट्री नेताओं को किए गए भुगतान की ओर इशारा करती हैं, जिसमें सतीशन के नाम के आगे 5 लाख रुपए की एक एंट्री भी शामिल है।

जांच को लेकर उठे सवाल

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार ने सीएमआरएल-एक्जालॉजिक लेनदेन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच को एक प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है। सरकार ने यह कदम कानूनी सलाह के बाद उठाया, क्योंकि ईडी ने राज्य पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा था।

शोन जॉर्ज ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने पर सवाल उठाते हुए इसे विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) को न देने के पीछे की मंशा पर संदेह जताया। उन्होंने पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री के रूप में चेन्निथला ने जानबूझकर विजिलेंस जांच के बजाय क्राइम ब्रांच का रास्ता चुना था। हालांकि, रमेश चेन्निथला का कहना है कि सरकार ने एडवोकेट जनरल की राय पर काम किया और ईडी की जानकारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब सीएमआरएल जांच के दायरे में है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने जनवरी 2024 में कंपनी की जांच का आदेश दिया था, जिसे बाद में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को सौंप दिया गया। जून 2026 के एक फैसले में केरल हाईकोर्ट ने भी आयकर निपटान आयोग के उन निष्कर्षों का उल्लेख किया था, जिसमें खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने, अवैध भुगतान के लिए नकदी जुटाने और बिना कोई सेवा लिए वीना विजयन और उनकी कंपनी एक्सलॉजिक को 1.72 करोड़ रुपये के भुगतान की बात कही गई थी। शोन जॉर्ज के मुताबिक, उन्होंने जो पन्ना जारी किया है, वह SFIO द्वारा अदालत में जमा किए गए दस्तावेजों का ही हिस्सा है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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