सत्य निकेतन पीजी हादसा: इमारत ढहने के मामले में छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, गैर-इरादतन हत्या का आरोप
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में सितंबर में हुए एक पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चार्जशीट गुरुवार…
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में सितंबर में हुए एक पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चार्जशीट गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश की गई, जिसमें आरोपियों पर लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
यह दर्दनाक हादसा 6 सितंबर को हुआ था, जब पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। इस घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट में कुछ काम चल रहा था और बारिश के बाद ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत की जा रही थी। मलबे में कई छात्र फंस गए थे, जिन्हें एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस की टीमों ने बचाया था। घटना के बाद साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
कौन हैं आरोपी?
पुलिस की चार्जशीट में हरि राम गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, महेश गुप्ता, सनोज कुमार, सुधांशु लवनीश कुमार और शुभम त्यागी को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन पर लगे प्रमुख आरोपों में लापरवाही से किसी की जान खतरे में डालना, गैर-इरादतन हत्या, निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरतना, चोट पहुंचाना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है।
प्रशासनिक कार्रवाई और घटना का विवरण
यह पीजी हॉस्टल रविवार के दिन ढहा था। गनीमत रही कि उस वक्त कई कमरे खाली थे क्योंकि बहुत से छात्र अपने घर गए हुए थे, वरना हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, घटना के कुछ ही घंटों के भीतर नगर निगम (एमसीडी) के डिप्टी कमिश्नर और चार इंजीनियरों को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था।
इनपुट: IANS



