दिल्ली: गोकलपुरी के रिहायशी घर में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, 34 किलो विस्फोटक के साथ तीन गिरफ्तार
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के गोकलपुरी में एक रिहायशी इमारत में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे का खतरा टल गया। दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन लोगों को…
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के गोकलपुरी में एक रिहायशी इमारत में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे का खतरा टल गया। दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस या परमिट के चलाई जा रही थी।
पुलिस को 26 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि गोकलपुर गांव की गली नंबर 14 स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर गैर-कानूनी तरीके से पटाखे बनाए जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की एक टीम ने मौके पर छापा मारा।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान तीन लोगों को रंगे हाथ पकड़ा, जिनकी पहचान 29 वर्षीय मोहित गोस्वामी, 24 वर्षीय अरमान और 21 वर्षीय समीर के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मौके से भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई, जिसमें शामिल हैं:
- 880 तैयार 'कोल्ड पायरो' पटाखे
- 600 अधूरे पटाखे
- 34 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पाउडर
- पटाखों के खाली खोल (शेल)
- एक फिलिंग मशीन और एक वजन तौलने की मशीन
- पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास इस तरह के विस्फोटक पदार्थ बनाने या रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। रिहायशी इलाके में इस तरह की गतिविधि लोगों की जान के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने जब्त सामग्री को नियमानुसार कब्जे में ले लिया है और गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर (संख्या 286/26) दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 223(बी), 288 और विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पटाखों के लिए कच्चा माल कहाँ से आ रहा था और इन्हें कहाँ बेचने की योजना थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



