न्यू सीमापुरी इमारत हादसा: 4 मौतों के मामले में दिल्ली सरकार ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
दिल्ली के न्यू सीमापुरी में 7 अक्टूबर को हुए दर्दनाक भवन हादसे की अब मजिस्ट्रेट जांच होगी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के गृह एवं शहरी विकास…
दिल्ली के न्यू सीमापुरी में 7 अक्टूबर को हुए दर्दनाक भवन हादसे की अब मजिस्ट्रेट जांच होगी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने इस जांच का आदेश दिया है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य घटना के सटीक कारणों का पता लगाना और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना है।
यह हादसा 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे हुआ था, जब 20-25 वर्ग गज के एक छोटे से भूखंड पर बनी पांच मंजिला आवासीय इमारत (मकान संख्या ई-402) ढह गई थी। इस घटना ने न केवल चार जिंदगियां छीन लीं, बल्कि आसपास की तीन अन्य इमारतों को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जिन्हें दिल्ली नगर निगम (MCD) ने असुरक्षित घोषित कर खाली करा दिया है।
जांच का दायरा और मंत्री का बयान
मंत्री आशीष सूद ने इस घटना को "बेहद दुखद" बताते हुए कहा, "हमने इस हादसे के हर पहलू की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। किसी भी दोषी या लापरवाह अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।" जांच का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट (उत्तर-पूर्व) करेंगे और इसमें सरकारी एजेंसियों व अधिकारियों की लापरवाही की भी पड़ताल की जाएगी। सूद ने स्पष्ट किया कि उनकी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सहायता देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संरचनात्मक सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करना है।
हादसे की शुरुआती वजह
प्रारंभिक स्थानीय जांच में यह बात सामने आई है कि ढह गई इमारत के पास एक अनधिकृत निर्माण स्थल पर भारी, कंपन पैदा करने वाली मशीनों से विध्वंस का काम चल रहा था, जो इस हादसे का कारण हो सकता है। इसके अलावा, आस-पास के कई आवासीय भवन भी छोटे भूखंडों पर कमजोर नींव और बिना उचित स्तंभों या बीम के बने पाए गए हैं। मजिस्ट्रेट जांच में मालिकों, किरायेदारों या निजी व्यक्तियों द्वारा भवन नियमों के उल्लंघन की पहचान की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों व एजेंसियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
इनपुट: IANS



