दिल्ली EV पॉलिसी: 2700 से ज़्यादा लोगों को मिली ₹7.91 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, दोपहिया वाहन सबसे आगे
दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 'दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026' के तहत अब तक 2700 से ज़्यादा निवासियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा…
दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 'दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026' के तहत अब तक 2700 से ज़्यादा निवासियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जुलाई से 8 अक्टूबर के बीच वाहन खरीद और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के तौर पर कुल 7.91 करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में वितरित किए गए हैं।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए लोगों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करना और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ देना है। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इस अवधि में कुल 7,782 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से यह राशि वितरित की गई।
किस मद में कितनी राशि मिली?
वितरित की गई कुल 7.91 करोड़ रुपये की राशि दो अलग-अलग प्रोत्साहनों में बंटी हुई है।
- खरीद प्रोत्साहन: 2,707 लाभार्थियों को नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 7.61 करोड़ रुपये दिए गए।
- स्क्रैपिंग प्रोत्साहन: वहीं, पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नए EV खरीदने वाले 79 लाभार्थियों को 29.50 लाख रुपये का लाभ मिला।
इस नीति के तहत प्रोत्साहन राशि के अलावा पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है, ताकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बदलाव को और तेज़ किया जा सके।
दोपहिया वाहनों का दबदबा
आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली वासी सबसे ज़्यादा रुचि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने में दिखा रहे हैं। अब तक मिले कुल 7,782 आवेदनों में से 7,706 आवेदन अकेले दोपहिया वाहनों के लिए हैं। इनमें 116 आवेदन स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के लिए भी शामिल हैं। इसके अलावा, ई-कारों के लिए स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के 70 आवेदन और N1 श्रेणी (3.5 टन तक) के ट्रकों के लिए 6 आवेदन भी प्राप्त हुए हैं।
अगर स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के भुगतान को देखें, तो 79 लाभार्थियों को मिले कुल 29.50 लाख रुपये में से 55 दोपहिया वाहन मालिकों को 5.50 लाख रुपये और 24 चार पहिया वाहन मालिकों को 24 लाख रुपये दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



