दिल्ली दंगा: दुकान में लूट और आगजनी के मामले में ताहिर हुसैन दोषी करार, 7 अन्य आरोपी बरी
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक और मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली की कड़कड़डूमा…
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक और मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शनिवार को हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी पाया, जबकि इसी मामले में सात अन्य सह-आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने सुनाया। मामला 24 फरवरी, 2020 को दयालपुर इलाके की एक दुकान में हुई लूटपाट और आगजनी की घटना से जुड़ा है। एक दुकानदार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी दुकान में पहले लूटपाट की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस घटना में दुकान से 17 से 18 लाख रुपये का सामान चोरी हुआ और संपत्ति को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान पहुँचा।
मामले का विवरण और आरोप
इस शिकायत के आधार पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें दंगा करने (धारा 147), घातक हथियार से लैस होकर दंगा करना (148), गैरकानूनी जमावड़ा (149), शरारत से नुकसान पहुँचाना (427), आग या विस्फोटक से घर नष्ट करना (436) और आपराधिक साजिश (120बी) शामिल थीं। अदालत ने ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी माना, लेकिन उन्हें अन्य आरोपों से बरी कर दिया।
सजा पर सुनवाई और पिछला मामला
ताहिर हुसैन को इस मामले में क्या सजा दी जाएगी, इस पर दलीलें सुनने के लिए अदालत ने 16 नवंबर की तारीख तय की है। यह दूसरी बार है जब हुसैन को दिल्ली दंगों से जुड़े किसी मामले में दोषी ठहराया गया है। इससे पहले, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। हुसैन ने उस सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है, जिस पर सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि फरवरी 2020 की सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की जान गई थी और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ था।
इनपुट: IANS



