युद्धकालीन सैन्य कमान पर अमेरिका-दक्षिण कोरिया में मतभेद? रक्षा प्रमुखों की फिलीपींस में अहम मुलाकात
फिलीपींस के सेबू में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के रक्षा प्रमुखों के बीच एक अहम बैठक हुई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा युद्ध के समय सैन्य अभियानों की कमान (OPCON) के…
फिलीपींस के सेबू में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के रक्षा प्रमुखों के बीच एक अहम बैठक हुई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा युद्ध के समय सैन्य अभियानों की कमान (OPCON) के हस्तांतरण को लेकर दोनों देशों के बीच उभरे मतभेदों को दूर करना था। यह बैठक दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच हुई, जो सितंबर में कांग के पद संभालने के बाद दोनों नेताओं की पहली मुलाकात है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का प्रशासन 2030 में अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले युद्धकालीन सैन्य कमान वापस हासिल करना चाहता है। हालाँकि, अमेरिका किसी राजनीतिक समय-सीमा के दबाव में इस प्रक्रिया को जल्दबाज़ी में पूरा करने को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। वाशिंगटन का कहना है कि यह हस्तांतरण तभी होगा जब पहले से तय सभी शर्तें पूरी हो जाएँगी, ताकि दक्षिण कोरियाई नागरिकों और वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कमान हस्तांतरण की प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति
दोनों देशों ने 2015 में शर्तों पर आधारित कमान हस्तांतरण योजना पर सहमति बनाई थी। इसके तहत दक्षिण कोरियाई सेना की क्षमताओं का तीन चरणों में आकलन किया जाना है। फिलहाल, दोनों देश दूसरे चरण के तहत 'पूर्ण परिचालन क्षमता' (FOC) के प्रमाणन पर काम कर रहे हैं। इस आकलन के नतीजों से ही हस्तांतरण की आगे की प्रक्रिया और समय-सीमा तय होगी।
वर्तमान में, युद्ध की स्थिति में संयुक्त सेनाओं का नियंत्रण अमेरिकी नेतृत्व वाली संयुक्त कमान के पास होता है। दक्षिण कोरिया को 1994 में शांतिकाल का सैन्य नियंत्रण वापस मिल गया था, लेकिन युद्धकालीन कमान अब भी अमेरिका के पास ही है।
मतभेद और बढ़ती चिंताएं
हाल के दिनों में इस मुद्दे पर दोनों सहयोगियों के बीच मतभेद सार्वजनिक हुए हैं। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने हाल ही में कहा था कि कमान हस्तांतरण की परिस्थितियाँ बदल गई हैं। उनकी इस टिप्पणी से सियोल में यह चिंता बढ़ गई कि कहीं मौजूदा शर्तों के अलावा नए मानक तो नहीं थोपे जाएँगे।
इन मतभेदों के चलते यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों देशों के बीच होने वाली अगली 'सुरक्षा परामर्श बैठक' (SCM) अगले साल की शुरुआत तक टाली जा सकती है। इस साल की बैठक, जो आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर में होती है, पहले ही दिसंबर तक के लिए स्थगित की जा चुकी है। दोनों रक्षा प्रमुखों की दिसंबर में वाशिंगटन में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



