डालमिया भारत: कमाई बढ़ी पर मुनाफे से फिसलकर 205 करोड़ के घाटे में क्यों आई कंपनी?
सीमेंट निर्माता कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ₹205 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹239 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, इस…
सीमेंट निर्माता कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ₹205 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹239 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कुल कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घाटा मुख्य रूप से दो बड़े एकमुश्त खर्चों के कारण हुआ है।
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के नतीजों के मुताबिक, कंपनी का परिचालन से राजस्व 4.3% बढ़कर ₹3,563 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹3,417 करोड़ था। कमाई में इस वृद्धि के बावजूद कंपनी मुनाफे को बरकरार नहीं रख सकी।
घाटे की मुख्य वजह क्या रही?
कंपनी के अनुसार, इस घाटे के पीछे दो असाधारण खर्च जिम्मेदार हैं, जिनका कुल योग ₹339 करोड़ है।
पहला, कंपनी ने अपनी कुछ संपत्तियों के आर्थिक मूल्य का पुनर्मूल्यांकन किया, जिससे ₹282 करोड़ का मूल्यह्रास घाटा (impairment loss) दर्ज किया गया। यह मुख्य रूप से तीन कैप्टिव पावर प्लांट से संबंधित था, क्योंकि कंपनी अब कम लागत वाले नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें एक बंद हो चुके ब्रांड का मूल्यह्रास भी शामिल है।
दूसरा, डालमिया भारत ने अपनी कुछ चुनिंदा इकाइयों में कर्मचारियों के लिए एक पृथक्करण योजना (separation scheme) लागू की, जिस पर ₹57 करोड़ का एकमुश्त खर्च आया।
परिचालन प्रदर्शन और मार्जिन
इन एकमुश्त खर्चों का असर कंपनी के परिचालन मुनाफे पर भी दिखा। ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले की कमाई (EBITDA) 29.2% घटकर ₹493 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹696 करोड़ थी। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 20.37% से घटकर 13.84% पर आ गया।
घाटे के बावजूद, कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है। 26 अक्टूबर को हुई बैठक में बोर्ड ने ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹4 के अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी, जो अंकित मूल्य का 200% है।
इनपुट: IANS



