DA बकाया मामला: सुप्रीम कोर्ट से पंजाब सरकार को मिली बड़ी राहत, अवमानना की कार्यवाही पर रोक
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाए का भुगतान न करने से जुड़े मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव…
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाए का भुगतान न करने से जुड़े मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर गुरुवार को रोक लगा दी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने राज्य सरकार को मार्च 2027 तक बकाया चुकाने के लिए एक ठोस योजना पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा, "आपको कुछ समय मिल गया है। एक सकारात्मक जवाब लेकर आएं। आप कितनी राशि जारी करेंगे?" अदालत ने स्पष्ट किया कि वह राज्य की ओर से भुगतान को लेकर एक सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रही है।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया। दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 3 अगस्त को एक फैसले में राज्य सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को अपने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की सभी बकाया किस्तों को जारी करने का निर्देश दिया था।
निर्देशों का पालन न होने पर हाई कोर्ट में अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई। सिविल अवमानना की सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहने पर मुख्य सचिव पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसी कार्यवाही के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट में भी टली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद, गुरुवार को ही पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चल रही आपराधिक अवमानना की सुनवाई भी टाल दी गई। हाई कोर्ट को यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार की स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।
इनपुट: IANS



