शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश: चक्रवात 'मुरासु' ने ली 8 जानें, ₹1900 करोड़ से ज़्यादा के नुक़सान का शुरुआती अनुमान

आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' के कारण जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है। मंगलवार को तट से टकराए इस चक्रवात के चलते राज्य में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि शुरुआती आकलन के अनुसार 1,918.55…

आंध्र प्रदेश: चक्रवात 'मुरासु' ने ली 8 जानें, ₹1900 करोड़ से ज़्यादा के नुक़सान का शुरुआती अनुमान
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' के कारण जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है। मंगलवार को तट से टकराए इस चक्रवात के चलते राज्य में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि शुरुआती आकलन के अनुसार 1,918.55 करोड़ रुपये की संपत्ति को क्षति पहुँची है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, बापटला जिले में पाँच, गुंटूर में दो और पलनाडु जिले में एक व्यक्ति की जान गई।

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गुरुवार को अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को चक्रवात से हुई तबाही की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बिजली, पानी की आपूर्ति और सड़कों की मरम्मत के काम को प्राथमिकता देने के लिए कहा। साथ ही, उन्होंने शुक्रवार को चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने की घोषणा की है।

कृषि और रिहायशी नुक़सान का ब्योरा

चक्रवात ने कृषि और बागवानी क्षेत्रों को भारी नुक़सान पहुँचाया है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,43,122 हेक्टेयर कृषि भूमि में लगी फ़सलें तबाह हो गईं, जिससे 1,86,063 किसान प्रभावित हुए। इसके अलावा, 6,749 हेक्टेयर में बागवानी फ़सलों को भी नुक़सान पहुँचा, जिससे 12,586 किसानों पर असर पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद फ़सलों के नुक़सान का सही आकलन करने में 48 से 72 घंटे और लग सकते हैं। चक्रवात से 983 मकान, 346 नावें और 220 मछली पकड़ने के जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए।

बुनियादी ढाँचे पर असर और बहाली के प्रयास

चक्रवात ने राज्य के बुनियादी ढाँचे को भी गंभीर क्षति पहुँचाई है। सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग के मुताबिक, प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों का 760.10 किलोमीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। वहीं, पंचायती राज इंजीनियरिंग विभाग ने बताया कि 74 ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुईं, जिनकी कुल लंबाई 204.14 किलोमीटर है। इनके पुनर्निर्माण पर लगभग 92.08 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

बिजली व्यवस्था को बहाल करने का काम तेज़ी से चल रहा है। प्रभावित 1,103 फीडरों में से 871 को बहाल कर दिया गया है, जबकि 3,946 क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों में से 1,493 की मरम्मत की जा चुकी है। दूरसंचार सेवाओं में भी सुधार हुआ है और राज्य के 31,428 टावरों में से 30,518 ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है, जिससे 97.1 प्रतिशत सेवाएँ बहाल हो गई हैं।

राहत एवं बचाव कार्य

राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की 11, एनडीआरएफ की 13 और अग्निशमन कर्मियों की 390 सदस्यों वाली टीमें तैनात की गई थीं। लोगों को समय पर सचेत करने के लिए लगभग 5.87 करोड़ चेतावनी संदेश भेजे गए थे। राज्य सरकार ने तत्काल राहत के लिए जिलों को 37 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रशासन बाढ़ के प्रवाह, जलाशयों और नहरों की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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