छत्तीसगढ़ में चक्रवाती बारिश से बाढ़ के हालात, कई जिलों में नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा…
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश से नदियां और नाले खतरनाक स्तर पर बह रहे हैं, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया है और यातायात बाधित हो गया है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को आदेशों का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
बांधों से छोड़ा गया पानी, कई गांवों में अलर्ट
राज्य के प्रमुख बांधों में जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके चलते पानी छोड़ना पड़ा है। धमतरी स्थित गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, क्योंकि यह 98 प्रतिशत से अधिक भर चुका है। यहां से लगभग 50,000 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं, मुरुमसिल्ली बांध अपनी पूरी क्षमता पर है, जबकि दुधवा और सोंधुर बांध 90 प्रतिशत से ज्यादा भर चुके हैं। कोरबा के बंगो बांध और ओडिशा के खातिगुडा बांध से भी करीब 500,000 घन मीटर पानी छोड़ा गया है, जिससे इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
बस्तर संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित
चक्रवाती बारिश का सबसे अधिक असर बस्तर संभाग और आसपास के जिलों में देखने को मिला है। यहां भारी बारिश के कारण प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे अंतर-जिला संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से पानी छोड़े जाने के बाद सुकमा, कांकेर, बीजापुर, जगदलपुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के सैकड़ों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसी तरह, धमतरी मुख्यालय के पास हटकुल नदी के उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क कट गया है।
बचाव कार्य और राहत के प्रयास
महासमुंद जिले में लगातार बारिश से महानदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे बम्हानी गांव में एक सरकारी शराब की दुकान पानी में डूब गई। इसमें फंसे दो सुरक्षा गार्डों, छगन लाल कुर्रे और ईद कुमार टंडन को बचाव दल ने सुरक्षित निकाल लिया। प्रशासन ने नदी किनारे बसे 18 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है। खबरों के मुताबिक, जिला प्रशासन ने बचाव दल तैनात कर दिए हैं और महानदी के किनारे बसे गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की है।
इनपुट: IANS



