कोलकाता नगर निगम चुनाव का भविष्य आज तय होगा, वार्ड परिसीमन पर हाई कोर्ट सुनाएगा फैसला
कोलकाता नगर निगम (KMC) में इस साल के अंत में प्रस्तावित चुनावों पर बनी अनिश्चितता आज समाप्त हो सकती है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ शुक्रवार को वार्डों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका पर…
कोलकाता नगर निगम (KMC) में इस साल के अंत में प्रस्तावित चुनावों पर बनी अनिश्चितता आज समाप्त हो सकती है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ शुक्रवार को वार्डों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगी। इसी फैसले से यह तय होगा कि कोलकाता में निकाय चुनाव मौजूदा वर्ष में हो पाएंगे या नहीं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अर्जुन रॉय की खंडपीठ ने इस मामले में 4 नवंबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। साथ ही, अदालत ने पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (WBSEC) को आदेश दिया था कि वह फैसला आने तक KMC चुनाव की तारीखों का ऐलान न करे।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने का फैसला किया गया। इस नए परिसीमन (सीमा निर्धारण) को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अदालत में चुनौती दी। CPI(M) नेता और पूर्व पार्षद दीपू दास ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि नए वार्डों की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ठीक से विचार नहीं किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि यह कदम एक विशेष राजनीतिक दल को अनुचित लाभ पहुंचाने के इरादे से उठाया गया है।
अदालती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि परिसीमन पर नागरिकों की राय जानने के लिए सार्वजनिक सुनवाई और स्थलीय जांच जैसे प्रस्तावों को नजरअंदाज कर दिया गया। शुरुआत में यह मामला न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ के समक्ष था, लेकिन वहां से कोई विशेष आदेश न मिलने पर याचिकाकर्ता ने खंडपीठ का रुख किया।
खंडपीठ के समक्ष यह तर्क दिया गया कि यदि चुनाव आयोग फैसला आने से पहले ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर देता है, तो पूरी याचिका निरर्थक हो जाएगी। इसी दलील को मानते हुए अदालत ने चुनाव घोषणा पर रोक लगा दी थी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के सात शहरी निकायों में चुनाव होने हैं, जिनमें KMC और हावड़ा नगर निगम भी शामिल हैं। पहले दिसंबर के अंत में मतदान और जनवरी में नतीजों की संभावना जताई जा रही थी।
इनपुट: IANS



