ट्रंप प्रशासन की 1.7 करोड़ ड्राइवरों के निजी डेटा तक पहुँचने की कोशिश पर अमेरिकी अदालत ने लगाई रोक
अमेरिका में एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस कोशिश पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत वह 1.7 करोड़ से ज़्यादा कमर्शियल ड्राइवरों के निजी डेटाबेस को हासिल करना चाहता था। समाचार एजेंसी IANS के…
अमेरिका में एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस कोशिश पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत वह 1.7 करोड़ से ज़्यादा कमर्शियल ड्राइवरों के निजी डेटाबेस को हासिल करना चाहता था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस डेटाबेस में सोशल सिक्योरिटी नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर जैसी बेहद संवेदनशील जानकारी शामिल है। अदालत ने प्रशासन को इस मामले से जुड़ी एक संस्था की 10 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की संघीय फंडिंग रोकने से भी मना कर दिया है।
यह आदेश लाखों ड्राइवरों की निजता के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स और कई अन्य राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने मिलकर इस मामले में मुकदमा दायर किया था। उन्होंने अमेरिकी परिवहन विभाग (Department of Transportation), फेडरल मोटर कैरियर सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की मांगों को अदालत में चुनौती दी थी।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CDLIS) से जुड़ा है, जिसे 1986 में कांग्रेस ने बनाया था। इसका उद्देश्य राज्यों को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की जानकारी साझा करने में मदद करना था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी के पास दूसरे राज्य में पहले से लाइसेंस तो नहीं है।
1988 से इस सिस्टम को चलाने का काम 'अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ मोटर व्हीकल एडमिनिस्ट्रेटर्स' नाम की एक निजी गैर-लाभकारी संस्था को सौंपा गया है। इस डेटाबेस में ड्राइवरों का नाम, जन्मतिथि, सोशल सिक्योरिटी नंबर और लाइसेंस नंबर जैसी निजी जानकारी होती है।
अदालत में क्या दलीलें दी गईं?
वर्जीनिया समेत कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने पिछले हफ्ते दो मुकदमे दायर किए थे। उनका आरोप है कि संघीय एजेंसियां इस संस्था से राज्यों का रिकॉर्ड लेकर एक अलग डेटाबेस बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो कई गोपनीयता कानूनों का उल्लंघन है।
उन्होंने यह भी दलील दी कि इस प्रस्तावित डेटाबेस में सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी जानकारी के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले सुरक्षा उपाय नहीं होंगे। वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जय जोन्स ने अदालत के फैसले को एक 'बड़ी जीत' बताते हुए कहा, "यह फैसला सुनिश्चित करता है कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान वर्जीनिया के लोगों का डेटा सुरक्षित रहे और राज्य के नियंत्रण में रहे।"
अब आगे क्या होगा?
अदालत के इस अस्थायी रोक के आदेश ने परिवहन विभाग को रिकॉर्ड हासिल करने और होमलैंड सिक्योरिटी के समन पर फिलहाल रोक लगा दी है। जय जोन्स के कार्यालय के मुताबिक, वे अब एक प्रारंभिक निषेधाज्ञा (preliminary injunction) की मांग करेंगे, ताकि मुकदमा चलने तक डेटा के ट्रांसफर को पूरी तरह से रोका जा सके। इस कानूनी लड़ाई में वर्जीनिया के साथ एरिजोना, कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क, इलिनोइस और पेंसिल्वेनिया समेत कुल 20 से ज़्यादा राज्य शामिल हैं।
इनपुट: IANS



