तमिलनाडु में नाश्ता योजना का विस्तार: अब छठी से आठवीं कक्षा के 15 लाख से ज़्यादा बच्चों को भी मिलेगा लाभ
तमिलनाडु में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी पहल के तहत 'पेरुंथलैवर कामराज नाश्ता योजना' का दायरा अब और बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार को…
तमिलनाडु में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी पहल के तहत 'पेरुंथलैवर कामराज नाश्ता योजना' का दायरा अब और बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार को इस विस्तारित योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके बाद अब छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को भी स्कूल में सुबह का नाश्ता मिलेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विस्तार से 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
इस योजना के विस्तार का औपचारिक शुभारंभ चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित गांधीग्राम के ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल में मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण दिन के लिए पूरे राज्य के स्कूलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कर्मचारी छात्रों के लिए नाश्ता तैयार करने में जुटे हैं।
योजना का सफ़र और उद्देश्य
इस नाश्ता कार्यक्रम की शुरुआत मूल रूप से 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने की थी। उस समय यह योजना सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए थी। इसका मुख्य लक्ष्य बच्चों में कुपोषण दूर करना, स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना और पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर को कम करना था। बाद में टीवीके सरकार ने सत्ता में आने पर इसका नाम बदलकर 'मुख्यमंत्री कामराज नाश्ता योजना' कर दिया और इसे सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक भी बढ़ाया।
ताज़ा विस्तार से पहले, यह योजना तमिलनाडु के 37,447 स्कूलों के 19.34 लाख छात्रों को लाभ पहुंचा रही थी। अब इसमें 15.30 लाख और छात्र जुड़ने से कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 34.64 लाख हो जाएगी, जो 44,984 स्कूलों में पढ़ते हैं।
बजट और कार्यान्वयन
राज्य सरकार ने इस विस्तारित योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। पहले इसे 17 सितंबर को समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती पर लॉन्च किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री के लंदन दौरे के कारण इसे टाल दिया गया था।
हालांकि, यह योजना मंगलवार से पूरे राज्य में लागू हो जाएगी, लेकिन चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में इसे अभी लागू नहीं किया जाएगा। इन जिलों के मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस विस्तार से माध्यमिक स्कूल के छात्रों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले बच्चों के पोषण, उपस्थिति और सीखने की क्षमता में सुधार होगा।
सप्ताह का मेनू
योजना के तहत छात्रों को सप्ताह भर अलग-अलग तरह का नाश्ता दिया जाएगा। मेनू के अनुसार, सोमवार और गुरुवार को उपमा, मंगलवार को खिचड़ी और बुधवार को पोंगल परोसा जाएगा। शुक्रवार को बच्चों को कोई मीठा व्यंजन दिया जाएगा। स्कूल प्रशासन और खाना बनाने वाले कर्मचारियों को भोजन की स्वच्छता और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



