कथित स्टिंग ऑपरेशन पर कर्नाटक में राजनीतिक घमासान, सीएम शिवकुमार के दिल्ली दौरे से अटकलें तेज़
कर्नाटक में कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वर्तमान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, के बीच कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच…
कर्नाटक में कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वर्तमान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, के बीच कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री शिवकुमार के गुरुवार को हुए दिल्ली दौरे ने कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरे के दौरान उनकी मुलाकात पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी हो सकती है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर शिवकुमार का दिल्ली दौरा केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के लिए तय था। उनके एजेंडे में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के साथ बैठकें शामिल थीं। इन मुलाकातों में कर्नाटक से जुड़े मेकेदातु परियोजना, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और महादायी नदी जल विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी। उनका गुरुवार रात 10:25 बजे बेंगलुरु लौटने का कार्यक्रम था।
विवाद की जड़ और सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया
यह पूरा विवाद एक कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाया गया है। इस घटनाक्रम से सिद्धारमैया काफी परेशान बताए जा रहे हैं। उन्होंने मामले में कानूनी कदम उठाते हुए अदालत से एक आदेश हासिल किया है, जो मीडिया संगठनों को उनसे संबंधित वीडियो कंटेंट प्रकाशित करने से रोकता है। इसके अलावा, उन्होंने इस सामग्री को प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
कुमारस्वामी के आरोप और राजनीतिक टकराव
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवकुमार पर आरोप लगा दिया। कुमारस्वामी का दावा है कि सिद्धारमैया से जुड़े वीडियो को जारी करने के पीछे शिवकुमार का ही हाथ है। इस आरोप ने कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया की शिकायत के आधार पर जेडी(एस) कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसके विरोध में बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। साथ ही, कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ भी कड़े बयान दिए हैं।
इनपुट: IANS



