बेंगलुरु में असम के लोगों के लिए खुला 71 करोड़ का 'घर', मुख्यमंत्री सरमा ने किया उद्घाटन
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में असम से आने वाले छात्रों, मरीज़ों और अन्य लोगों की सुविधा के लिए एक नए असम भवन का उद्घाटन किया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस चार…
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में असम से आने वाले छात्रों, मरीज़ों और अन्य लोगों की सुविधा के लिए एक नए असम भवन का उद्घाटन किया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस चार मंजिला इमारत को जनता को समर्पित किया, जिसे समाचार एजेंसी IANS के अनुसार लगभग 71.24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यह भवन बेंगलुरु आने वाले असम के निवासियों के लिए 'घर से दूर एक घर' की तरह काम करेगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह भवन सिर्फ एक सरकारी गेस्ट हाउस नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की अपने लोगों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने इसे असम और कर्नाटक के बीच संबंधों को मजबूत करने वाला कदम भी बताया।
भवन की खासियतें और निर्माण का सफ़र
यह असम भवन 16,249 वर्ग मीटर के विशाल भूखंड पर बना है। इसमें सात वीआईपी सुइट, 26 मिनी-सुइट, 36 डबल-ऑक्यूपेंसी कमरे और 26 बिस्तरों वाला एक छात्रावास शामिल है। इसके अलावा, यहाँ सम्मेलन कक्ष, भोज कक्ष, रेस्तरां, पुस्तकालय और मनोरंजन की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने परियोजना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके लिए ज़मीन 2008 में ही अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन भूमि वर्गीकरण की समस्याओं के कारण 2016 में निर्माण कार्य रोकना पड़ा। सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद मई 2022 में काम फिर से शुरू हुआ और इमारत तीन साल में बनकर तैयार हो गई।
रोज़गार सृजन और पलायन रोकने पर ज़ोर
इस मौके पर मुख्यमंत्री सरमा ने असम में रोज़गार के अवसर पैदा करने की सरकार की योजनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले दशक में इतने रोज़गार पैदा करना है कि कुशल युवाओं को बाहर न जाना पड़े और जो बाहर हैं, वे भी वापस लौट सकें। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनमें से 4 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं।
उन्होंने जागीरोड में सेमीकंडक्टर संयंत्र, नामरूप उर्वरक संयंत्र, बिजली परियोजनाओं और गुवाहाटी हवाई अड्डे के पास एक सैटेलाइट सिटी जैसी पहलों को रोज़गार सृजन का प्रमुख स्रोत बताया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन कदमों से राज्य के कुशल कार्यबल को रोकने और बाहर काम कर रहे पेशेवरों को वापस लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने राज्य से बाहर रहने वाले असमिया लोगों से राज्य के राजदूत के रूप में काम करने और निवेशकों को आकर्षित करने की अपील की।
अन्य शहरों में भी खुलेंगे असम भवन
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली में दो असम भवनों का उद्घाटन नवंबर और दिसंबर में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुंबई और कोलकाता में भी इसी तरह की सुविधाएं स्थापित करने की योजना है। इस उद्घाटन समारोह में असम के सामान्य प्रशासन मंत्री केशव महंत और कर्नाटक के विधायक एस.टी. सोमशेखर भी उपस्थित थे।
इनपुट: IANS



