चक्रवात 'अर्नब' के बाद बाढ़ की मार: गंजाम को हरसंभव मदद का मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दिया आश्वासन
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित गंजाम जिले के लोगों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। गुरुवार को विधायकों के साथ स्थिति की समीक्षा…
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित गंजाम जिले के लोगों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। गुरुवार को विधायकों के साथ स्थिति की समीक्षा के बाद, उन्होंने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार गंजाम जिले के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और यह सुनिश्चित करेगी कि वहां के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।" उन्होंने बताया कि राज्य के दौरे पर आई केंद्रीय टीम के साथ भी गंजाम में हुए नुकसान पर विस्तृत चर्चा हुई है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री को प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत पहुँचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है।
केंद्रीय टीम का दौरा और आकलन
चक्रवात और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम ने ओडिशा का दौरा किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में इस टीम ने गुरुवार को मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टीम से आग्रह किया कि वे अपनी रिपोर्ट में सिर्फ तत्काल राहत और पुनर्निर्माण के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य में बार-बार आने वाली ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों का भी सुझाव दें।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ओडिशा को ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है जो चक्रवात और बाढ़ जैसी आपदाओं को झेल सके, ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए।
गंजाम और गजपति में नुकसान की स्थिति
केंद्रीय टीम के प्रमुख रवि शंकर ने बताया कि उन्होंने गंजाम और गजपति जिलों के कई इलाकों का दौरा कर बाढ़ के विनाशकारी प्रभाव को देखा। गंजाम में रुशिकुल्या नदी के उफान से खेत, सड़कें, घर और सरकारी दफ्तर रेत से ढक गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई घरों की नींव बाढ़ के कारण कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, रुशिकुल्या नदी से लंबे समय तक गाद निकालने की आवश्यकता है और नुकसान का पूरा आकलन करने में अभी सात से आठ दिन और लगेंगे।
रवि शंकर ने चक्रवात के बाद ओडिशा सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तेजी से राहत और बहाली का काम किया, जिसके तहत ज्यादातर सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है।
इनपुट: IANS



