उड़ान योजना का अगला चरण: अब राज्य खुद चुनेंगे हवाई पट्टी, सरकार ने लॉन्च किया 'चैलेंज मोड' पोर्टल
देश के छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों तक हवाई सेवा पहुँचाने वाली उड़ान योजना अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है…
देश के छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों तक हवाई सेवा पहुँचाने वाली उड़ान योजना अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है, जिसके तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अब खुद उन हवाई पट्टियों और हेलीपैड का चुनाव कर सकेंगे, जिन्हें वे विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए मंगलवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक विशेष 'चैलेंज मोड' पोर्टल लॉन्च किया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 21 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए। ये समझौते भागीदार राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) के बीच हुए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य विमानन बुनियादी ढाँचे के विकास और कनेक्टिविटी विस्तार में बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
क्या है यह 'चैलेंज मोड'?
यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें राज्य सरकारें या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन अपने क्षेत्र में उन जगहों की पहचान करेंगे, जहाँ हवाई संपर्क की सबसे ज़्यादा ज़रूरत या संभावना है। इसके बाद, वे इस नए पोर्टल के माध्यम से विकास के लिए हवाई पट्टियों और हेलीपैड को नामांकित करेंगे। इस पहल का लक्ष्य विमानन संपत्तियों की पहचान और उनके विकास के लिए एक पारदर्शी और संरचित तंत्र बनाना है, जो क्षेत्रीय ज़रूरतों के मुताबिक हो।
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “इन समझौता ज्ञापनों के साथ, टीम भारत, क्षेत्रीय विमानन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, विकसित राज्य विकसित भारत की नींव है, और इस यात्रा में प्रत्येक राज्य एक समान भागीदार है।”
नए रूट्स के लिए बोलियाँ और योजना के चार स्तंभ
पोर्टल लॉन्च के साथ ही, मंत्री ने उड़ान योजना के तहत रूट बिडिंग के अगले चरण के लिए योजना दस्तावेज़ भी जारी किया। इस प्रक्रिया में एयरलाइंस से चिन्हित हवाई मार्गों के लिए बोलियाँ आमंत्रित की जाएँगी, ताकि मार्गों और ऑपरेटरों का चयन प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी तरीके से हो सके। उम्मीद है कि इससे उन क्षेत्रों में भी हवाई सेवाएँ शुरू होंगी, जहाँ अभी यह सुविधा या तो नहीं है या बहुत कम है, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
नायडू ने स्पष्ट किया कि उड़ान योजना का अगला चरण चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगा: यात्रियों के लिए किफायती परिवहन, परिचालन की स्थिरता, परियोजनाओं के लिए एक पारदर्शी चैलेंज मोड ढांचा और स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहन।
इनपुट: IANS



