अमेरिकी खजाने में भारत का निवेश बढ़ा, चीन ने घटाई हिस्सेदारी, जानें क्या कहते हैं ताजा आंकड़े
अमेरिकी सरकारी खजाने (US Treasury) में निवेश के मामले में भारत और चीन के बीच एक दिलचस्प रुझान देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है, वहीं चीन अपनी होल्डिंग्स में तेजी…
अमेरिकी सरकारी खजाने (US Treasury) में निवेश के मामले में भारत और चीन के बीच एक दिलचस्प रुझान देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है, वहीं चीन अपनी होल्डिंग्स में तेजी से कमी कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में भारत का निवेश बढ़कर लगभग 220 अरब डॉलर हो गया, जबकि चीन की हिस्सेदारी घटकर 600 अरब डॉलर से भी नीचे आ गई है।
अमेरिकी सरकार द्वारा जारी ट्रेजरी इंटरनेशनल कैपिटल (TIC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में भारत की होल्डिंग्स 219.7 अरब डॉलर पर पहुंच गईं। यह जुलाई के 202.6 अरब डॉलर के मुकाबले एक महीने में करीब 17 अरब डॉलर की बढ़ोतरी है। यह लगातार तीसरा महीना है जब भारत ने अमेरिकी ट्रेजरी में अपना निवेश बढ़ाया है। इस साल अप्रैल में यह 181 अरब डॉलर के निचले स्तर तक गिर गया था, लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है।
चीन की हिस्सेदारी में भारी गिरावट
इसके ठीक उलट, चीन ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड्स में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। अगस्त के अंत में चीन की होल्डिंग्स 590.7 अरब डॉलर रह गईं, जो जुलाई में 618 अरब डॉलर थीं। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक साल में चीन ने अपनी होल्डिंग्स में लगभग 109 अरब डॉलर की बड़ी कमी की है। अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 699.7 अरब डॉलर था। इस बदलाव से दोनों एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की होल्डिंग्स के बीच का अंतर भी कम हुआ है, जो एक साल पहले 480 अरब डॉलर था और अब घटकर 371 अरब डॉलर रह गया है।
कौन हैं सबसे बड़े निवेशक?
अमेरिकी ट्रेजरी के प्रमुख विदेशी धारकों की सूची में जापान 1,068.3 अरब डॉलर के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है, हालांकि उसकी होल्डिंग में भी कमी आई है। यूनाइटेड किंगडम 1,009.5 अरब डॉलर के साथ दूसरे और चीन (मुख्य भूमि) तीसरे स्थान पर है। इस सूची में भारत 14वें स्थान पर है। भारत से ठीक आगे हांगकांग (261.5 अरब डॉलर) और ठीक पीछे नॉर्वे (214 अरब डॉलर) है। सूची में अन्य प्रमुख देशों में बेल्जियम (490.5 अरब डॉलर), कनाडा (464.6 अरब डॉलर), केमैन आइलैंड्स (463 अरब डॉलर) और लक्जमबर्ग (448.2 अरब डॉलर) शामिल हैं।
यूएस ट्रेजरी ने बताया कि अगस्त में कुल 199.8 अरब डॉलर का नेट टीआईसी इनफ्लो (पूंजी प्रवाह) हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवासियों ने दीर्घकालिक अमेरिकी सिक्योरिटीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी बिलों में अपनी होल्डिंग 47.8 अरब डॉलर कम कर दी। सितंबर महीने के आंकड़े 18 नवंबर को जारी किए जाएंगे।
इनपुट: IANS



