सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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न्यूज़ीलैंड में तिब्बती समुदाय का आरोप: चीन अपने 'जातीय एकता कानून' के विरोधियों की कर रहा है निगरानी

न्यूज़ीलैंड में रहने वाले तिब्बती समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया है कि चीन के 'जातीय एकता और प्रगति कानून' का विरोध करने वालों को निगरानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक…

न्यूज़ीलैंड में तिब्बती समुदाय का आरोप: चीन अपने 'जातीय एकता कानून' के विरोधियों की कर रहा है निगरानी
(फोटो: IANS)

न्यूज़ीलैंड में रहने वाले तिब्बती समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया है कि चीन के 'जातीय एकता और प्रगति कानून' का विरोध करने वालों को निगरानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय तिब्बती व्यक्ति ने दावा किया है कि चीनी नागरिक उन पर दबाव बना रहे हैं और उनकी तस्वीरें खींच रहे हैं।

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यह मामला न्यूज़ीलैंड की सुरक्षा खुफिया सेवा (SIS) की उस हालिया चेतावनी के बाद सामने आया है जिसमें कहा गया था कि देश में बसे प्रवासी समुदायों को विदेशी राज्यों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। SIS के मुताबिक, इसका उद्देश्य उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्रता को सीमित करना है।

संस्कृति पर हमला या जातीय एकता?

न्यूज़ीलैंड में रहने वाले गाडेन नामक एक तिब्बती व्यक्ति ने इस कानून को तिब्बती संस्कृति को खत्म करने की कोशिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि तिब्बत में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर पहले से ही पाबंदी है और अब प्रार्थना के झंडों को भी मठों और घरों से हटाया जा रहा है। गाडेन के अनुसार, कुछ मामलों में इन झंडों को जलाया गया और पैरों से रौंदा गया।

विरोध के गंभीर कदम

गाडेन ने जातीय एकता कानून के विरोध में हो रहे गंभीर प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर हाल ही में हुई एक आत्मदाह की घटना का हवाला देते हुए कहा, “उसने तिब्बतियों के न्यायपूर्ण उद्देश्य के लिए खुद को जला लिया, क्योंकि हम सभी बेहद निराश हैं।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि तिब्बती लोग शांतिपूर्ण हैं और अपनी पहचान व संस्कृति को बचाए रखना चाहते हैं, न कि चीन के भीतर कोई हिंसा करना।

इसी बीच, 'द यूरोपियन टाइम्स' की एक रिपोर्ट में तिब्बत में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की नीतियों को 'समावेशन के ज़रिए साम्राज्य विस्तार' का उदाहरण बताया गया है। इस रिपोर्ट में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के भतीजे खेद्रूब थोंडुप ने कहा है कि इतिहास गवाह है कि कोई भी साम्राज्य हमेशा कायम नहीं रहता।

इनपुट: IANS

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