अखिलेश यादव की योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती: 'कामकाज पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़ें'
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे उनके गढ़ में चुनौती दी है। गुरुवार को अपने अयोध्या दौरे पर उन्होंने कहा कि अगर…
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे उनके गढ़ में चुनौती दी है। गुरुवार को अपने अयोध्या दौरे पर उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी को अपनी सरकार के कामकाज और लोकप्रियता पर इतना ही भरोसा है, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव अयोध्या सीट से लड़कर दिखाएँ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अखिलेश ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को अयोध्या में एक बार फिर हार का डर सता रहा है।
यह चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राम मंदिर आंदोलन को अपना प्रमुख मुद्दा बनाने वाली भाजपा को पिछले चुनाव में अयोध्या सीट पर समाजवादी पार्टी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, "जब से हमने अयोध्या के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा की है, भाजपा लगातार सर्वे कर रही है। हर सर्वे में वह पिछड़ रही है। ऐसी चर्चा है कि पार्टी अयोध्या के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार भी नहीं ढूंढ पा रही है।"
भाजपा की कमजोरी का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के आंतरिक सर्वे भी यही संकेत दे रहे हैं कि पार्टी की स्थिति अयोध्या में कमजोर है। यह 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अखिलेश का तीसरा अयोध्या दौरा था, हालांकि इस बार भी उन्होंने राम मंदिर में दर्शन नहीं किए। उन्होंने अपने बयान में कहा, "अगर मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे करते हैं और इतने आत्मविश्वास से भरे हैं, तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए।"
सपा के चुनावी वादे
इस मौके पर अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के चुनावी वादों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य में महिलाओं को हर साल 40,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने मौजूदा सरकार की 'बुलडोजर न्याय' की कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए आश्वासन दिया, "आने वाले समय में जब समाजवादी सरकार सत्ता में होगी, तो आपके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा और न ही आपकी दुकान या घर तोड़ा जाएगा।" इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या के विकास और इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का भी वादा किया।
इनपुट: IANS



