चक्रवात 'मुरासु': मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुंटूर और बापटला में नुकसान का जायजा लिया, किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात 'मुरासु' से प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का शुक्रवार को दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने चक्रवात से…
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात 'मुरासु' से प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का शुक्रवार को दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने चक्रवात से तबाह हुई फसलों और जलमग्न खेतों का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का व्यापक आकलन किया जा रहा है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि फसल बीमा और इनपुट सब्सिडी से किसानों को उनके निवेश के नुकसान की भरपाई में कुछ हद तक राहत मिलेगी।
किसानों से सीधा संवाद और जमीनी हकीकत
बापटला जिले के दौरे में मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं को सीधे समझने के लिए जिलेल्लमुडी से रेटुरु गांव तक पैदल यात्रा की। इस दौरान उन्होंने सिंचाई नहरों और खेतों की नालियों के तटबंधों पर चलकर जलमग्न धान के खेतों को देखा। रास्ते में उन्होंने किसानों, अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से बातचीत कर नुकसान का जायजा लिया और किसानों द्वारा किए गए निवेश, अनुमानित उपज और हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
रेतुरु गांव में किसानों ने मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पट्टिसीमा परियोजना से पानी मिलने के बाद उन्होंने फसल बोई थी, लेकिन जब फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, तभी चक्रवात ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
राहत कार्य और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को फसल बीमा के बारे में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं बनाई जानी चाहिए ताकि नियमित खेती के मौसम से पहले पानी उपलब्ध हो, जिससे किसान जल्दी बुवाई कर सकें और चक्रवातों से होने वाले जोखिम को कम कर सकें। इस संदर्भ में पोलावरम परियोजना के पूरा होने को एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य को चक्रवातों से भारी नुकसान हुआ है, खासकर जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं। उन्होंने बताया कि सरकार के सक्रिय कदमों से नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद मिली। चक्रवात राहत कार्यों के लिए तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से भी सहायता मांगी जा रही है।
बुनियादी ढांचे का नुकसान और केंद्र को सूचना
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एक चक्रवात के कारण गिरे 30,000 बिजली के खंभों को बहाल कर दिया गया है, जबकि एक अन्य चक्रवात में 10,000 खंभे क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि मत्स्यपालन तालाबों में बिजली आपूर्ति तेजी से बहाल करने के प्रयास जारी हैं। केंद्र सरकार को चक्रवातों के प्रभाव के बारे में सूचित कर दिया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्थिति की जानकारी ली है।
इनपुट: IANS



