गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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त्योहारों से पहले केंद्र का तोहफा: राज्यों को समय से पहले मिली 1.09 लाख करोड़ रुपए की कर हिस्सेदारी

केंद्र सरकार ने दिवाली और अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को एक बड़ी वित्तीय राहत दी है। गुरुवार को केंद्र ने राज्यों को उनके कर हिस्से की अगली किस्त के रूप में 1,09,019 करोड़ रुपए जारी…

त्योहारों से पहले केंद्र का तोहफा: राज्यों को समय से पहले मिली 1.09 लाख करोड़ रुपए की कर हिस्सेदारी
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने दिवाली और अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को एक बड़ी वित्तीय राहत दी है। गुरुवार को केंद्र ने राज्यों को उनके कर हिस्से की अगली किस्त के रूप में 1,09,019 करोड़ रुपए जारी किए, जो तय तारीख 10 नवंबर से पहले ही दे दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अग्रिम भुगतान का उद्देश्य राज्यों को त्योहारी सीजन में वित्तीय मजबूती देना है।

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वित्त मंत्रालय का कहना है कि यह कदम राज्यों को पूंजीगत और विकास से जुड़े खर्चों में तेजी लाने में मदद करेगा। इस समय से पहले मिली राशि से राज्य अपनी कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू कर पाएंगे। यह लगातार दूसरा महीना है जब राज्यों को सामान्य हिस्से के अलावा अतिरिक्त राशि दी गई है।

किस राज्य को मिली कितनी राशि?

जारी की गई कुल राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को मिला है, जिसे 19,208 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपए और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं।

अन्य प्रमुख राज्यों में पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपए और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपए मिले हैं।

राज्यों को लगातार मिल रही वित्तीय मदद

यह पहली बार नहीं है जब केंद्र ने राज्यों की मदद के लिए अतिरिक्त फंड जारी किया है। पिछले सप्ताह भी केंद्र ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की एक अतिरिक्त किस्त दी थी, जो सामान्य मासिक हस्तांतरण के अलावा थी। इससे पहले अगस्त में भी इतनी ही राशि की एक अतिरिक्त किस्त जारी की गई थी। सरकार के मुताबिक, ये कदम राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और उनके विकास कार्यों को गति देने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

देश की वित्तीय स्थिति पर एक नजर

इस बीच, सरकार के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में देश का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह पूरे साल के लिए निर्धारित 16.96 लाख करोड़ रुपए के बजट अनुमान का 42.1 प्रतिशत है। इस अवधि में सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 17.57 लाख करोड़ रुपए रहीं, जो बजट अनुमान का 49.7 प्रतिशत है। इसमें शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ और गैर-कर राजस्व 4.81 लाख करोड़ रुपए था।

इनपुट: IANS

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