सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक में सूखे का संकट: केंद्रीय टीमें कर रहीं नुकसान का आकलन, राज्य ने मांगा ₹11,000 करोड़ का मुआवज़ा

कर्नाटक भयंकर सूखे की चपेट में है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी.…

कर्नाटक में सूखे का संकट: केंद्रीय टीमें कर रहीं नुकसान का आकलन, राज्य ने मांगा ₹11,000 करोड़ का मुआवज़ा
(फोटो: IANS)

कर्नाटक भयंकर सूखे की चपेट में है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया है कि सूखे से हुए करीब 46,000 करोड़ रुपए के फसल नुकसान के आकलन के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें राज्य के दौरे पर हैं। कर्नाटक सरकार ने केंद्र से लगभग 11,000 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है।

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केंद्रीय टीमें 3 से 6 अक्टूबर तक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रही हैं। जी. परमेश्वर ने जानकारी दी कि इन टीमों को तीन समूहों में बांटकर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मैंने केंद्रीय टीमों का स्वागत किया और उन्हें राज्य में सूखे की स्थिति के बारे में जानकारी दी।" टीमों ने कुछ जगहों पर किसानों से सीधे बातचीत कर जमीनी हकीकत का जायजा भी लिया।

नुकसान का आकलन और मुआवजे की मांग

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, ये टीमें शुरुआत में पहले चरण में सूखाग्रस्त घोषित किए गए 101 तालुकों का निरीक्षण कर रही थीं। हालांकि, राज्य सरकार के अनुरोध पर अब वे दूसरे चरण में घोषित 77 अन्य तालुकों समेत लगभग सभी प्रभावित जिलों का दौरा कर रही हैं। अपना निरीक्षण पूरा करने के बाद ये टीमें केंद्र सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी, जिसके आधार पर कर्नाटक के लिए मुआवजे की राशि पर फैसला लिया जाएगा। जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया, "सूखे के कारण राज्य को 177 तालुकों में लगभग 46,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हमने लगभग 10,000 से 11,000 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है।"

GST कलेक्शन पर सूखे का साया

जी. परमेश्वर ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अभूतपूर्व सूखे का असर राज्य के जीएसटी कलेक्शन पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी संग्रह के मामले में कर्नाटक लगातार देश में दूसरे स्थान पर रहा है, लेकिन फसल बर्बाद होने से सभी क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, "स्वाभाविक रूप से जीएसटी कलेक्शन में भी गिरावट आ सकती है। वित्तीय विशेषज्ञों ने पहले ही कहा कि ऐसा हो सकता है।" सरकार आने वाले दिनों में इसके असर का आकलन करेगी और राजस्व बढ़ाने के अन्य प्रयासों पर भी विचार कर रही है।

अन्य महत्वपूर्ण मामले

राजस्व विभाग की सेवाओं के शुल्क में वृद्धि की खबरों पर मंत्री ने कहा कि जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए कुछ शुल्कों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से मिलने वाले फंड में कमी हो, तो राज्य को अपने राजस्व स्रोतों को मजबूत करना ही पड़ता है। इसके अलावा, कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम की हटाई गई धाराओं 79ए और 79बी पर पुनर्विचार की मांगों पर उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जांच कर रही है और मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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