चुनाव आयोग पर कांग्रेस का हमला: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव समेत 3 बड़ी मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग से जुड़ी हालिया गतिविधियों को लेकर अपनी पार्टी की तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, खड़गे ने सोशल मीडिया…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग से जुड़ी हालिया गतिविधियों को लेकर अपनी पार्टी की तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह स्पष्ट किया कि इन मांगों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।
यह मांग मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद उठाई गई है। कांग्रेस की दूसरी मांग इस एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की है, जबकि तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग भविष्य के सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से कराने की है।
सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
खड़गे ने अपने बयान में कहा कि इन तीन मुद्दों को लेकर देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता और 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगी दल सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "देशभर में अलग-अलग जगहों पर जो भी सिविल सोसाइटी के सदस्य और युवा संगठन इन मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं, हम उनके साथ खड़े हैं।" इसी क्रम में मुंबई में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ 'गर्जना मोर्चा' निकाला। हालांकि, भाजपा और शिवसेना ने इस प्रदर्शन को "दोहरे मापदंड और पब्लिसिटी स्टंट" करार दिया।
महिला पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित बदसलूकी की भी निंदा की। उन्होंने इसे भाजपा की ध्यान भटकाने वाली चाल बताया और कहा, "तानाशाह बहुत घबराया हुआ है।" उल्लेखनीय है कि शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने रविवार को जानकारी दी कि इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
इनपुट: IANS



