कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: बसवराज बोम्मई ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल, सीबीआई जांच की मांग की
कर्नाटक के एक कथित स्टिंग ऑपरेशन ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की जोरदार…
कर्नाटक के एक कथित स्टिंग ऑपरेशन ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की जोरदार मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती क्योंकि इसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, हावेरी में मीडिया से बात करते हुए बोम्मई ने राज्य पुलिस की विशेष जांच टीमों (SIT) के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सच सामने लाने के लिए एक व्यापक जांच जरूरी है। यह जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए।" बोम्मई का मानना है कि पुलिस पर दबाव आ सकता है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।
पुलिस जांच पर भरोसा नहीं
बसवराज बोम्मई ने इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ एक शिकायत के आधार पर हो रही मौजूदा जांच अपर्याप्त है। उन्होंने कहा, "सिर्फ बयानों से कुछ सामने नहीं आएगा। जांच होनी चाहिए। फिलहाल सिद्दारमैया की ओर से दी गई एक शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। इसलिए यह कोई गंभीर या व्यापक जांच नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े सभी पहलुओं और परिस्थितियों की गहराई से जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, इस विवाद ने कर्नाटक की राजनीति में गिरते नैतिक मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सत्ता हस्तांतरण और सिद्दारमैया की चुप्पी
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह स्टिंग ऑपरेशन राज्य में सत्ता हस्तांतरण (पावर ट्रांसफर) से जुड़ा है, तो बोम्मई ने मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के राजनीतिक करियर का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "उनके राजनीतिक बैकग्राउंड को देखते हुए और सत्ता हस्तांतरण से जुड़े हालात पर गौर करें, खासकर यह देखते हुए कि खुद मुख्यमंत्री ने ही अब यह मुद्दा उठाया है तो कई सवाल खड़े होते हैं। इन सवालों के जवाब एक उचित जांच के जरिए ही मिल सकते हैं।"
बोम्मई ने यह भी बताया कि विवाद सामने आने के बाद से सिद्दारमैया ने इस पर कुछ नहीं कहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मकसद सिद्दारमैया को नीचा दिखाना था, तो उन्होंने कहा कि सही समय आने पर सिद्दारमैया खुद जनता के सामने अपनी बात रखेंगे। ब्लैकमेलिंग के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि इसका स्पष्टीकरण सिद्दारमैया को ही देना होगा।
भाजपा में एकजुटता पर टिप्पणी
इस दौरान बोम्मई ने भाजपा से निकाले गए विधायक बसनागौड़ा पाटिल और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र की मुलाकात पर भी सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "राजनीति में कोई भी हमेशा के लिए दुश्मन नहीं होता। मेरी नजर में तो कोई दुश्मन होता ही नहीं, बस प्रतिस्पर्धा होती है।" उन्होंने इस मुलाकात को एक अच्छी पहल बताते हुए उम्मीद जताई कि पार्टी में एकजुटता से भाजपा बड़ी जीत हासिल कर सकती है।
इनपुट: IANS



