श्रीनगर: घर की मरम्मत के बदले रिश्वतखोरी, CBI ने नगर निगम के वार्ड अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा
श्रीनगर नगर निगम (SMC) के एक वार्ड अधिकारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक नागरिक से उसके घर में चल रहे मरम्मत के काम को न रोकने…
श्रीनगर नगर निगम (SMC) के एक वार्ड अधिकारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक नागरिक से उसके घर में चल रहे मरम्मत के काम को न रोकने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार को एक जाल बिछाकर की गई।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान सफाकदल वार्ड के वार्ड अधिकारी शेख जमील मोहम्मद के रूप में हुई है। सीबीआई ने अपने एक प्रेस बयान में बताया कि उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर 15 अक्टूबर 2026 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वार्ड अधिकारी ने मरम्मत का काम जारी रखने की अनुमति देने के लिए ₹10,000 की मांग की थी।
सीबीआई की कार्रवाई और अपील
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी शेख जमील मोहम्मद को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगते और लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और मामले में आगे की जांच जारी है।
इस कार्रवाई के साथ ही सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी उनसे रिश्वत मांगता है या वे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का सामना करते हैं, तो वे इसकी सूचना ज़रूर दें। लोग श्रीनगर स्थित सीबीआई, एसीबी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या 9419900977 पर कॉल कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में CBI का अधिकार क्षेत्र
यह जानना महत्वपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में अपराधों की जांच का पूरा अधिकार क्षेत्र सीबीआई के पास है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय यह स्पष्ट कर चुका है कि 'दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946' और 1958 तथा 1963 में दी गई सामान्य सहमति के आधार पर एजेंसी को जांच का अधिकार प्राप्त है। इसके अलावा, 'जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019' के लागू होने और 'केंद्रीय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' जैसे केंद्रीय कानूनों के विस्तार के बाद सीबीआई इन क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के काम कर सकती है।
इनपुट: IANS



