कोर्ट परिसर में माकपा नेता पर अंडा फेंकने की घटना पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज करने का आदेश
पश्चिम बंगाल के एक अदालत परिसर के भीतर एक वकील और माकपा नेता पर अंडे फेंकने की घटना की कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ी निंदा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए…
पश्चिम बंगाल के एक अदालत परिसर के भीतर एक वकील और माकपा नेता पर अंडे फेंकने की घटना की कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ी निंदा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए औपचारिक रूप से केस दर्ज करने का निर्देश दिया है और इसे बेहद गंभीर मामला माना है।
यह घटना इस हफ्ते की शुरुआत में दक्षिण 24 परगना जिले की बारुईपुर जिला अदालत में हुई थी। माकपा नेता और पेशे से वकील सायन बनर्जी अपनी पार्टी की छात्र इकाई SFI के कुछ कार्यकर्ताओं की पैरवी करने पहुंचे थे। इन कार्यकर्ताओं को भांगर कॉलेज में ABVP कार्यकर्ताओं के साथ हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था।
अदालत का कड़ा रुख
शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे और जस्टिस ओम नारायण राय की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश घुगे ने टिप्पणी की, "अगर अदालत परिसर के अंदर किसी वकील पर हमला हो सकता है तो भविष्य में दूसरे लोगों पर भी इस तरह के हमले हो सकते हैं। ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं और इन्हें दोबारा होने से रोकना जरूरी है।"
अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को तुरंत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, मामले में अदालत की सहायता के लिए अधिवक्ता सैकत बनर्जी को एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया है।
क्या हुआ था कोर्ट परिसर में?
सायन बनर्जी की दलीलों के बाद जिला अदालत ने गिरफ्तार SFI कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी थी। इसके बाद, बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में मौजूद ABVP कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और फिर उन पर अंडे फेंके। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान उनके सहायकों पर भी हमला किया गया। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया था कि बाद में पद्मपुकुर स्थित माकपा पार्टी कार्यालय के सामने भी उन पर दूसरी बार अंडे फेंके गए।
मामले में आगे की कार्रवाई
हाईकोर्ट ने बारुईपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित जिला न्यायाधीश से इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। सायन बनर्जी के वकील सब्यसाची बनर्जी को भी मामले में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा गया है। इन रिपोर्टों और हलफनामे पर विचार करने के बाद अदालत आगे के निर्देश देगी। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में निर्धारित की गई है।
इनपुट: IANS



