नीलगिरि हादसा: टायर पंक्चर होने से बची 50 यात्रियों की जान, भूस्खलन की चपेट में आई बस, ड्राइवर की मौत
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक सरकारी बस का टायर पंक्चर हो जाने के कारण लगभग 50 यात्रियों को वाहन से उतार दिया गया, और कुछ ही मिनटों बाद बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। समाचार…
तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक सरकारी बस का टायर पंक्चर हो जाने के कारण लगभग 50 यात्रियों को वाहन से उतार दिया गया, और कुछ ही मिनटों बाद बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में बस के ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि कंडक्टर घायल हो गए।
यह बस कोयंबटूर से ऊटी जा रही थी। रास्ते में पार्लियार के पास इसका टायर पंक्चर हो गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद जब ड्राइवर और कंडक्टर बस को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, तभी पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। पेड़, पत्थर और मिट्टी के मलबे ने बस को अपनी चपेट में ले लिया।
बचाव अभियान और हताहत
हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायल कंडक्टर केशवन को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, ड्राइवर जनगराज बस के अंदर ही फंसे रह गए। एक लंबे अभियान के बाद बचाव दल ने उनका शव बरामद किया। इससे पहले उनके सुरक्षित होने की खबरें आई थीं, लेकिन बाद में अधिकारियों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की।
घायल कंडक्टर ने बताया, “बस में सिर्फ मैं और ड्राइवर थे। पेड़ एक के बाद एक सड़क पर गिरने लगे। जब हमने बस को सुरक्षित रूप से रोकने की कोशिश की, तो हम भूस्खलन की चपेट में आ गए।” इस घटना के बाद ऊटी को कोयंबटूर से जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। अधिकारियों ने पहाड़ी सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने का काम तत्काल शुरू कर दिया।
इनपुट: IANS



