रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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मतदाता सूची से नाम कटने पर क्या करें? दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को सही ठहराया

दिल्ली हाई कोर्ट ने मतदाता सूची से नाम हटने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर अहम फैसला सुनाया है। विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सूची से नाम कट जाने पर नए सिरे से पंजीकरण के लिए 'फॉर्म-6'…

मतदाता सूची से नाम कटने पर क्या करें? दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को सही ठहराया
(फोटो: IANS)

दिल्ली हाई कोर्ट ने मतदाता सूची से नाम हटने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर अहम फैसला सुनाया है। विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सूची से नाम कट जाने पर नए सिरे से पंजीकरण के लिए 'फॉर्म-6' भरने की चुनाव आयोग (ECI) की प्रक्रिया को अदालत ने सही ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला एक ऐसे मतदाता से जुड़ा था, जिसका नाम घर बदलने के कारण सूची से हटा दिया गया था।

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याचिकाकर्ता निलोत्पल दत्त और अन्य ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उन्हें पता बदलने वाले 'फॉर्म-8' के जरिए अपने मौजूदा वोटर रिकॉर्ड को नए पते पर ट्रांसफर करने की अनुमति दी जाए। उनकी दलील थी कि वे पहले से ही मतदाता हैं, इसलिए उन्हें नए पंजीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना चाहिए। हालांकि, जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की बेंच ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया।

चुनाव आयोग की दलील और आश्वासन

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि 'फॉर्म-6' नए मतदाता के तौर पर पंजीकरण के लिए होता है, जबकि 'फॉर्म-8' का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची में पता बदलने या अन्य विवरण ठीक कराने के लिए किया जाता है। आयोग के वकील संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की समस्या का समाधान 'निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960' के तहत 'फॉर्म-6' भरकर ही हो सकता है।

याचिकाकर्ता ने आशंका जताई थी कि 'फॉर्म-6' भरने पर उन पर गलत जानकारी देने का आरोप लग सकता है, क्योंकि वे नए मतदाता नहीं हैं। इस पर चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि अगर दत्त 'फॉर्म-6' का इस्तेमाल करते हैं तो उन पर गलत घोषणा का कोई आरोप नहीं लगाया जाएगा।

अदालत का अंतिम निर्णय

चुनाव आयोग के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता की आशंका को 'निराधार' बताया। 14 अक्टूबर को दिए अपने फैसले में अदालत ने कहा, “इन टिप्पणियों के साथ रिट कार्यवाही समाप्त की जाती है। यदि याचिकाकर्ता चाहें, तो वे फॉर्म 6 भर सकते हैं, जिस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।” अदालत ने याचिकाकर्ता की उस मांग को भी खारिज कर दिया जिसमें एसआईआर के दौरान छूटे मौजूदा मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को फिर से तय करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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