मतदाता सूची पुनरीक्षण रोकने की मांग पर BJP का पलटवार, कांग्रेस के 'वोट चोरी' के दावों को बताया निराधार
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को रोकने की कांग्रेस की मांग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष…
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को रोकने की कांग्रेस की मांग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर 'वोट चोरी' के बेबुनियाद दावे करके लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, रामचंद्र राव ने मंगलवार को कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का हवाला देकर कांग्रेस जिस पुनरीक्षण प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रही है, वह लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि वे अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश करने में विफल रहे हैं।
प्रक्रिया रोकने की मांग पर उठाए सवाल
राव ने कांग्रेस की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा, "खड़गे हों या राहुल गांधी, वे बिना किसी आधार के एसआईआर को रोकने की मांग कर रहे हैं। इसे बिना किसी सबूत के कैसे रोका जा सकता है?" उन्होंने बताया कि एसआईआर का पहला चरण पूरा हो चुका है और तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश व कर्नाटक जैसे राज्यों में दूसरा चरण भी संपन्न हो गया है। राव के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया अब लगभग खत्म होने की कगार पर है।
सबूतों के अभाव का आरोप
भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस यह साबित नहीं कर पाई है कि मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा, "न तो पार्टी के नेताओं ने और न ही उन लोगों ने, जिनके नाम कथित तौर पर हटाए गए हैं, कोई सबूत दिया है जिससे यह पता चले कि वैध वोट कहां या कैसे हटाए गए।" रामचंद्र राव ने इन मांगों को जनता को भ्रमित करने की कोशिश और जनादेश का अपमान करार दिया।
EVM की विश्वसनीयता पर भी बोले
रामचंद्र राव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का बचाव करते हुए विपक्ष के दोहरे मापदंड की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष उन्हीं ईवीएम पर सवाल उठाता है, जिनके जरिए वह हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में चुनाव जीता था। राव ने आरोप लगाया कि जब भाजपा चुनाव जीतती है, तभी विपक्षी दल ईवीएम और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कांग्रेस से प्रक्रिया रोकने की मांग करने के बजाय अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा।
इनपुट: IANS



