गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

केरल PSC में भ्रष्टाचार का आरोप: BJP प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की अध्यक्ष को हटाने की मांग

केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगे भ्रष्टाचार, अनियमितता और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोपों के बीच राज्य भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिला है। समाचार…

केरल PSC में भ्रष्टाचार का आरोप: BJP प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की अध्यक्ष को हटाने की मांग
(फोटो: IANS)

केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगे भ्रष्टाचार, अनियमितता और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोपों के बीच राज्य भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से आयोग के अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों को पद से हटाने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है।

विज्ञापन

गुरुवार को हुई इस मुलाकात में भाजपा केरल के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, राज्यसभा सदस्य सी. सदानंदन और पी.टी. उषा शामिल थे। उन्होंने राष्ट्रपति से केरल के पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर द्वारा की गई कथित सिफारिश पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल की मांग है कि संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत प्रक्रिया शुरू की जाए, जिसमें आरोपों की जांच के लिए मामले को सुप्रीम कोर्ट भेजा जाता है।

भर्ती परीक्षा में हेरफेर का आरोप

भाजपा नेताओं ने 13 जुलाई 2023 को हुई केरल राज्य योजना बोर्ड में वरिष्ठ पदों की भर्ती परीक्षा को कथित धांधली का एक प्रमुख उदाहरण बताया। उनके अनुसार, इस परीक्षा में 228 उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं में 58 अंकों के 10 प्रश्नों का मूल्यांकन ही नहीं किया गया। आरोप है कि इस हेरफेर से प्रथम रैंक पाने वाले उम्मीदवार को सीधा फायदा पहुंचाया गया।

जारी है SIT जांच

यह मामला पहले से ही केरल अपराध शाखा की एक विशेष जांच टीम (SIT) और केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में है। भाजपा नेताओं ने बताया कि SIT को PSC परीक्षाओं से संबंधित 180 शिकायतें मिली हैं और उसने जांच के लिए नौ परीक्षाओं को चिन्हित किया है। इसी जांच के सिलसिले में SIT एक PSC अधिकारी और एक सेवानिवृत्त अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि आयोग के अध्यक्ष से पूछताछ हो चुकी है और बाकी 15 सदस्यों से भी पूछताछ चल रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण और पिछले दरवाजे से की जा रही नियुक्तियों ने इस संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे लाखों नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने PSC सदस्यों को मिलने वाले भारी वेतन और सुविधाओं पर भी सवाल उठाया।

क्या है अनुच्छेद 317?

संविधान का अनुच्छेद 317 राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट को भेज सकती हैं। यदि जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट सदस्य को हटाने की सिफारिश करता है, तो राष्ट्रपति उस आधार पर उन्हें पद से हटा सकते हैं। बताया जा रहा है कि केरल के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने भी अपने पूर्ववर्ती द्वारा भेजे गए पत्र पर आगे की कार्रवाई की है।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →