उत्कल यूनिवर्सिटी पेपर लीक आरोप: BJD ने परीक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, सरकार को घेरा
ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय में प्लस थ्री द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद राज्य की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार…
ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय में प्लस थ्री द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद राज्य की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, BJD ने इस घटना को छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार की परीक्षा संचालन क्षमता पर गंभीर चिंता जताई है।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में पार्टी ने कहा, "उत्कल यूनिवर्सिटी की ताजा घटना ने एक बार फिर निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से परीक्षाएं कराने की सरकार की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।" BJD ने आरोप लगाया है कि पिछले दो वर्षों में, जब से राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार आई है, छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों को परीक्षा संबंधी 25 समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इनमें परीक्षाओं का रद्द होना, स्थगित होना, प्रश्नपत्रों में त्रुटियां और अन्य अनियमितताएं शामिल हैं।
छात्रों पर बढ़ता बोझ और अनिश्चितता
पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि छात्र परीक्षाओं की तैयारी के लिए महीनों मेहनत करते हैं और उनके परिवार भी आर्थिक एवं व्यक्तिगत रूप से बड़ा त्याग करते हैं। BJD के मुताबिक, जब भी कोई परीक्षा रद्द होती है, स्थगित होती है या पेपर लीक जैसी घटना सामने आती है, तो इससे हजारों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में पड़ जाता है। इस तरह की घटनाएं न केवल उनकी पढ़ाई की योजनाओं को बाधित करती हैं, बल्कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक दबाव भी डालती हैं।
BJD ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
BJD प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन की विफलताओं का खामियाजा बार-बार छात्रों और युवाओं को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की। मोहंती ने मांग की कि हर गंभीर अनियमितता की एक तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी जांच होनी चाहिए और लापरवाही या प्रक्रियात्मक खामियों के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ाने, परीक्षा केंद्रों का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित करने और निगरानी प्रणाली को और सख्त करने की भी मांग की। प्रवक्ता ने विश्वविद्यालयों, भर्ती बोर्डों और अन्य परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की मौजूदा प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा का भी आह्वान किया। BJD ने स्पष्ट किया कि ओडिशा के छात्रों और युवाओं के भविष्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता और सरकार को नारों के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।
इनपुट: IANS



