बेंगलुरु: 1500 पुलिसकर्मियों ने देर रात की बड़ी कार्रवाई, 400 से ज़्यादा पब और बार पर छापेमारी
बेंगलुरु में शनिवार देर रात पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत शहर के लगभग 400 से 500 पब और बार पर एक साथ छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई का नेतृत्व खुद पुलिस आयुक्त सीमनथ कुमार सिंह ने किया, जिसमें करीब…
बेंगलुरु में शनिवार देर रात पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत शहर के लगभग 400 से 500 पब और बार पर एक साथ छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई का नेतृत्व खुद पुलिस आयुक्त सीमनथ कुमार सिंह ने किया, जिसमें करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये प्रतिष्ठान नियमों और लाइसेंस की शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। पुलिस ने विशेष रूप से निर्धारित समय के बाद भी खुले रहने, नाबालिगों को शराब परोसने और लाइसेंस के अन्य उल्लंघनों की जांच की। यह कार्रवाई शनिवार तड़के 2 बजे तक जारी रही।
पुलिस का विशाल अभियान
इस बड़े अभियान में दो संयुक्त पुलिस आयुक्तों सहित 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल थे। उनके साथ केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) और संबंधित इलाकों के पुलिस अधिकारियों ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया। पुलिस ने ब्रिगेड रोड, आनंद राव सर्कल और कोरमंगला जैसे इलाकों में गहन जांच की, जहां बड़ी संख्या में बार और मनोरंजन प्रतिष्ठान हैं। ब्रिगेड गार्डन और पेज-3 पब जैसे कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
पुलिस आयुक्त सीमनथ कुमार सिंह ने मीडिया को बताया, "पब के बंद होने का निर्धारित समय है। छापेमारी यह जांचने के लिए की गई कि वे इसका पालन कर रहे हैं या नहीं। नाबालिगों को शराब नहीं परोसी जानी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान का मकसद आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी से बचाना था।
नियम और कार्रवाई
पुलिस के दिशानिर्देशों के मुताबिक, पब और बार को रात एक बजे तक अपनी रसोई और शराब परोसना बंद कर देना होता है। कार्रवाई के दौरान महिलाओं के लिए संचालित पबों की भी जांच की गई। पुलिस ने कुछ प्रतिष्ठानों में डांस कार्यक्रमों के दौरान अश्लील गतिविधियों की शिकायतों पर भी गौर किया।
इस अभियान के तहत, पुलिस ने प्रमुख सड़कों पर चेकपॉइंट लगाकर वाहनों की जांच भी की, ताकि शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसी गतिविधियों को रोका जा सके। छापेमारी के दौरान मिले संभावित उल्लंघनों की अब जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इनपुट: IANS



