बेंगलुरु IED ब्लास्ट: पुलिस के सामने घायल के बदलते बयान की चुनौती, 5 टीमें कर रहीं 100+ CCTV फुटेज की जांच
बेंगलुरु के पुलकेशीनगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए संदिग्ध IED विस्फोट की जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। पुलिस की पांच विशेष टीमें 100 से ज़्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, लेकिन…
बेंगलुरु के पुलकेशीनगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए संदिग्ध IED विस्फोट की जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। पुलिस की पांच विशेष टीमें 100 से ज़्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, लेकिन मामले के एक घायल व्यक्ति के विरोधाभासी बयानों ने जांच को और जटिल बना दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, जिससे विस्फोट की प्रकृति और इस्तेमाल हुए पदार्थ के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं।
इस घटना में घायल हुए अलाउद्दीन और सूरज नाम के दो व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं। अस्पताल से छुट्टी पा चुके अलाउद्दीन, जो घटना से सदमे में हैं, ने पुलिस को अलग-अलग बातें बताई हैं। एक तरफ उनका कहना है कि किसी व्यक्ति ने उन्हें वह पार्सल दिया था, जिसमें धमाका हुआ। वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि पार्सल इमारत के पास रखा मिला था, जिसे उन्होंने उठाया था। जांच टीम इन दावों की पुष्टि करने और घटनाओं के सही क्रम को समझने की कोशिश कर रही है। दूसरे घायल व्यक्ति सूरज की हालत अभी बयान देने लायक नहीं है।
कैसे हुआ था धमाका?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विस्फोटक को एक डिब्बे में छिपाकर रखा गया था। बताया जा रहा है कि किसी अनजान व्यक्ति ने फोन करके सुरक्षा कर्मचारियों को यह डिब्बा लेने और इमारत में रखने को कहा था। फोन करने वाले ने दावा किया था कि पार्सल में एक टॉर्च है। जब बाद में इस डिब्बे को खोलकर उसकी बैटरी चालू की गई तो विस्फोट हो गया। इस धमाके में एक पेंटर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए, जिनमें से एक की उंगली कट गई।
जांच के मुख्य बिंदु
ईस्ट डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DCP) की निगरानी में चल रही जांच मुख्य रूप से तीन सवालों पर केंद्रित है: विस्फोटक सामग्री कहाँ से आई, धमाके वाला पार्सल किसने पहुँचाया, और इसके पीछे का मकसद क्या है। पुलिस उस अज्ञात फोन कॉल का भी पता लगाने में जुटी है, जो सुरक्षा गार्ड को किया गया था। जिस घर में धमाका हुआ, उसके मालिक रहमान ने किसी भी तरह की संलिप्तता या निजी दुश्मनी से इनकार किया है।
NIA भी रख रही है नज़र
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी इस पर नज़र बनाए हुए है। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, NIA ने बेंगलुरु पुलिस से घटना की रिपोर्ट मांगी है और ज़रूरत पड़ने पर घटनास्थल का दौरा भी कर सकती है। IED के इस्तेमाल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि बेंगलुरु में कई महत्वपूर्ण रक्षा और वैज्ञानिक संस्थान हैं। वहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
इनपुट: IANS



