कर्नाटक: बस किराया बढ़ाने पर भड़की भाजपा, कांग्रेस सरकार को दी सड़क पर उतरने की चेतावनी
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा 5 नवंबर से बस किराए में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार पर 'जनविरोधी' होने…
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा 5 नवंबर से बस किराए में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर सियासत गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार पर 'जनविरोधी' होने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर. अशोक ने सोमवार को सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ 'शक्ति' योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई, तो वहीं दूसरी तरफ अब पुरुषों समेत पूरे परिवार की जेब पर बोझ डालने की तैयारी हो रही है। अशोक ने इसे लोगों के साथ धोखा बताया।
सरकार की गारंटियों पर निशाना
अशोक ने कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं को राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना वित्तीय स्रोतों के वादे करके अर्थव्यवस्था को दिवालियापन के कगार पर पहुंचा दिया है और अब गारंटियों का खर्च आम लोगों की जेब से वसूल रही है। उन्होंने पूछा, "क्या कर्नाटक के लोगों से कांग्रेस सरकार की गारंटी की कीमत चुकाने की उम्मीद की जा रही है?"
उन्होंने हाल में हुई अन्य मूल्य वृद्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "पहले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, फिर दही की कीमतों में और अब बस किराए में... क्या यही कांग्रेस सरकार का लोगों के हक में काम करने वाला शासन है?"
'वित्तीय कुप्रबंधन का बोझ जनता पर'
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि राज्य के चार सरकारी परिवहन निगम पहले से ही 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में हैं, जैसा कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है। उनके मुताबिक, सरकार अपने वित्तीय कुप्रबंधन की नाकामी को छिपाने के लिए यह बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को 'महंगाई बढ़ने की गारंटी' नहीं, बल्कि एक शांतिपूर्ण और सस्ती जिंदगी चाहिए।
इनपुट: IANS



