भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तरी बंगाल में बाढ़ का खतरा, संकोश नदी के किनारे अलर्ट
पड़ोसी देश भूटान की एक ग्लेशियर झील के फटने के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने…
पड़ोसी देश भूटान की एक ग्लेशियर झील के फटने के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए संभावित बाढ़ की तैयारियां शुरू कर दी हैं। भूटान से निकलने वाली तोरसा, जलधाका, संकोश और रायडक नदियाँ उत्तरी बंगाल में प्रवेश करती हैं, जिससे इन नदी घाटियों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।
राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा, "भूटान में हिमनद झील के फटने की सूचना अभी-अभी मिली है। झील का पानी उफान पर है और मो छू नदी में बहते हुए संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले निवासियों को सतर्क कर दिया गया है। उन्हें अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।"
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार शाम को भूटान के गासा जिले में स्थित शिंटाफू झील से अचानक बड़ी मात्रा में पानी का बहाव शुरू हो गया। यह एक हिमनद झील है, जिसके फटने से मो छू नदी का जलस्तर बढ़ गया और गासा शाचू गर्म झरने के पास के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा। भूटान में पुनाखा-गासा सड़क का एक हिस्सा भी बह गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। हालाँकि, अभी तक वहाँ हुए कुल नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है।
प्रशासन की तैयारी और बचाव कार्य
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मंत्री प्रमाणिक के अनुसार, अगले 5 से 6 घंटों में बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों तक पहुँच सकता है, जिससे भीषण बाढ़ का खतरा है। उन्होंने बताया, "स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन दल को सक्रिय कर दिया गया है और राष्ट्रीय आपदा सुरक्षा बल (एनडीआरएफ) को भी सूचित कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।" संकोश नदी के किनारे बसे कई लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया है।
असमंजस में स्थानीय निवासी
गुरुवार रात चेतावनी जारी होने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई। कई लोगों ने डर के मारे राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात बिताई। हालांकि, शुक्रवार सुबह जब नदी का जलस्तर सामान्य दिखा तो अलीपुरदुआर जिले के कुमारग्राम ब्लॉक के कुछ निवासी अपने घरों को लौटने लगे। लेकिन दोपहर तक स्थिति फिर बदल गई, जब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और पानी मटमैला दिखने लगा, जिसके बाद कई लोगों ने अपना इरादा बदल दिया और राहत शिविरों में वापस लौट आए।
खतरनाक है शिंटाफू झील
शिंटाफू झील भूटान की उन 17 झीलों में शामिल है, जिन्हें ग्लेशियरों के कारण खतरनाक माना गया है। इससे पहले 26 अगस्त, 2021 को भी इस झील में जलस्तर बढ़ने से मो छू नदी उफान पर आ गई थी। संकोश नदी को भूटान में पुना त्सांग छू के नाम से जाना जाता है और मो छू इसकी एक प्रमुख सहायक नदी है। यही कारण है कि मो छू में पानी बढ़ने का सीधा असर संकोश नदी के जलस्तर पर पड़ता है, जो असम और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है।
इनपुट: IANS



