बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
देश

तमिलनाडु कैबिनेट: बैटरी स्टोरेज नीति और नए औद्योगिक प्रस्तावों पर होगी अहम चर्चा

तमिलनाडु में नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण को लेकर एक अहम नीति पर गुरुवार को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में सचिवालय में होने वाली इस…

तमिलनाडु कैबिनेट: बैटरी स्टोरेज नीति और नए औद्योगिक प्रस्तावों पर होगी अहम चर्चा
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण को लेकर एक अहम नीति पर गुरुवार को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में सचिवालय में होने वाली इस बैठक का एजेंडा काफी व्यापक है, जिसमें कई औद्योगिक प्रस्तावों और प्रशासनिक निर्णयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक होगी।

विज्ञापन

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। प्रस्तावित 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) नीति का मुख्य उद्देश्य ऐसी सुविधाओं को बढ़ावा देना है जो सौर और पवन ऊर्जा को स्टोर कर सकें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।

क्यों ज़रूरी है बैटरी स्टोरेज नीति?

अधिकारियों का मानना है कि बैटरी स्टोरेज सिस्टम, सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे राज्य का बिजली नेटवर्क अधिक भरोसेमंद बनेगा। तमिलनाडु में जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता बढ़ रही है, स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता भी उतनी ही तीव्र हो गई है। चूँकि सौर और पवन ऊर्जा मौसम पर निर्भर करती है, इसलिए ग्रिड की मांग के साथ उनके उत्पादन का संतुलन बनाना आवश्यक है।

इस नीति का मसौदा एक कंसल्टेंसी फर्म की मदद से तैयार किया गया है और पिछले पाँच महीनों में इसमें कई संशोधन किए गए हैं। TNEB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतिम मसौदा तैयार करने से पहले गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन किया गया। हालांकि, प्रस्ताव कैबिनेट को सौंप दिया गया है, पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया और सुझाव

नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों ने इस प्रस्तावित नीति का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही डेवलपर्स पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए कुछ बदलावों की भी मांग की है। एक एसोसिएशन के सदस्य कुमारदास ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को केंद्र से BESS उपकरणों के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने का आग्रह करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि बैटरी सिस्टम की लागत बहुत अधिक है और भारत में ऐसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता भी सीमित है।

इसके अलावा, उन्होंने छोटे डेवलपर्स को राहत देने के लिए 5 मेगावाट या उससे कम क्षमता वाले सौर संयंत्रों को अनिवार्य बैटरी स्टोरेज प्रावधानों से छूट देने का भी प्रस्ताव रखा।

कैबिनेट के अन्य संभावित एजेंडे

ऊर्जा और निवेश के मुद्दों के अलावा, कैबिनेट बैठक में थेनी जिला जेल से कैदियों के भागने की घटना के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही, फोरशोर एस्टेट में एक नया सचिवालय बनाने के विवादास्पद प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है, जिसका कड़ा विरोध हो रहा है।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →