AU Small Finance बैंक के ग्राहकों का डेटा लीक? हैकर ग्रुप के दावे के बाद जांच शुरू
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) एक संभावित डेटा लीक मामले की जांच कर रहा है। यह मामला तब सामने आया जब 'स्कार्लेट ग्रुप' नाम के एक हैकर समूह ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाकर ग्राहकों और…
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) एक संभावित डेटा लीक मामले की जांच कर रहा है। यह मामला तब सामने आया जब 'स्कार्लेट ग्रुप' नाम के एक हैकर समूह ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाकर ग्राहकों और बैंक की आंतरिक जानकारी चुराने का दावा किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस जांच की पुष्टि की है।
बैंक का कहना है कि यह संभावित लीक एक थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से जुड़ा हो सकता है, जिसे सेल्सफोर्स (Salesforce) द्वारा होस्ट और मैनेज किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) के तौर पर होता है और इसमें केवल वाहन ऋण (Vehicle Loan) लेने वाले ग्राहकों से जुड़ी सीमित जानकारी ही रखी जाती है।
बैंक की सफाई: मुख्य सिस्टम सुरक्षित
इस घटनाक्रम के बीच, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसके मुख्य बैंकिंग सिस्टम इस घटना से प्रभावित नहीं हुए हैं। बैंक ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उसकी सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और सुरक्षित हैं। बैंक के अनुसार, “एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है... बैंक की अपनी प्रणालियां सुरक्षित हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।”
कितनी संवेदनशील जानकारी दांव पर?
हालांकि बैंक ने सीमित डेटा की बात कही है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार हैकर समूह ने कई तरह की संवेदनशील जानकारी हासिल करने का दावा किया है। इसमें ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड, पैन और आधार जैसे पहचान दस्तावेज, क्रेडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, लोन आवेदन, हस्ताक्षरित समझौते और बीमा रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, बैंक के आंतरिक सीआरएम डेटा, कर्मचारियों की जानकारी, लॉगिन हिस्ट्री और ऑडिट लॉग के भी लीक होने का दावा किया गया है।
शेयर बाजार पर असर
इस खबर का असर बैंक के शेयरों पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को बीएसई पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 860.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 हफ्तों में इस शेयर का उच्चतम स्तर 1,144.65 रुपये और न्यूनतम स्तर 832 रुपये रहा है। गौरतलब है कि इसी महीने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़ा भी एक डेटा ब्रीच का मामला सामने आया था, जिसमें 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड डार्क वेब पर मिलने की सूचना थी।
इनपुट: IANS



