त्रिपुरा: BSF जवानों पर हमला करने वाले 10 आरोपी अदालत में पेश, 7 पुलिस हिरासत में
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए एक हिंसक हमले के सिलसिले में गिरफ्तार 10 लोगों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए एक हिंसक हमले के सिलसिले में गिरफ्तार 10 लोगों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सात पुरुष आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में और तीन महिला आरोपियों को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यह घटना सोमवार को सिपाहीजाला जिले के कलमचौरा थाना क्षेत्र के आशाबारी में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई थी। उस समय BSF के जवान कथित तौर पर सीमा पार हो रही अवैध तस्करी को रोकने की कोशिश कर रहे थे।
क्या था पूरा मामला?
अधिकारियों के मुताबिक, BSF कर्मियों ने कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को अवैध गतिविधियों में लिप्त देखा। जब जवान मौके पर पहुंचे, तो बांग्लादेशी तस्कर भाग गए, लेकिन उन्होंने एक भारतीय तस्कर को पकड़ लिया। हालांकि, वह भी भागने में सफल रहा और उसने कथित तौर पर ग्रामीणों को यह कहकर भड़का दिया कि BSF ने उसके साथ मारपीट की थी।
इसके तुरंत बाद, लगभग 50 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ ने लाठियों से लैस होकर BSF के वाहन को घेर लिया और जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक कंपनी कमांडर सहित तीन BSF जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हमले के बाद की स्थिति
हमलावरों ने BSF के एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक जवान से एक पंप एक्शन गन (पीएजी) राइफल भी छीन ली। घटना में एक हमलावर के भी घायल होने की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही BSF और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
हालांकि, इलाके में तनाव बना हुआ है। भीड़ ने कथित तौर पर पेड़ों को काटकर सड़क जाम करने की भी कोशिश की ताकि सुरक्षा बलों की आवाजाही को रोका जा सके। पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश के लिए सोमवार रात से सघन तलाशी अभियान जारी है।
इस बीच, BSF ने मंगलवार रात एक बयान जारी कर कहा कि बल सीमा पार तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने तथा भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा के अपने संकल्प पर अडिग है।
इनपुट: IANS



