असम में चिकित्सा शिक्षा का बड़ा विस्तार: 2031 तक 4,000 MBBS सीटों का लक्ष्य, बनेंगे 32 नए मेडिकल कॉलेज
असम सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे में एक महत्वाकांक्षी विस्तार की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि 2031 तक राज्य में MBBS सीटों की संख्या को…
असम सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे में एक महत्वाकांक्षी विस्तार की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि 2031 तक राज्य में MBBS सीटों की संख्या को बढ़ाकर 4,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घोषणा उन्होंने बुधवार को झारखंड के देवघर में 750 बेड वाले बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान की।
मुख्यमंत्री सरमा ने असम में चिकित्सा शिक्षा के इतिहास और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दशकों तक राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा सीमित था। 1950, 1960 और 1970 के दशक में एक-एक कर सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए थे। इस वजह से लगभग 35 लाख की आबादी वाले राज्य में प्रतिवर्ष केवल 300 डॉक्टर ही तैयार हो पाते थे, जो स्वास्थ्य जरूरतों के मुकाबले काफी कम थे।
राज्य में चिकित्सा शिक्षा का मौजूदा परिदृश्य
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हाल के वर्षों में किए गए प्रयासों से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। असम में अब हर साल लगभग 2,200 डॉक्टर तैयार होते हैं, जबकि पहले यह संख्या करीब 350 थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 16 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं।
भविष्य की योजना और रोजगार के अवसर
भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करते हुए सरमा ने कहा कि राज्य सरकार पहले से मौजूद एम्स और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के अलावा 32 और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बना रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ डॉक्टरों को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। इस संदर्भ में उन्होंने नवीनतम राज्य बजट का हवाला दिया, जिसमें असम के 5,000 उप-स्वास्थ्य केंद्रों में से प्रत्येक में दो डॉक्टरों की तैनाती की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विस्तार से न केवल एक मजबूत चिकित्सा शिक्षा प्रणाली बनेगी, बल्कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।
इनपुट: IANS



