असम: सिलचर में पौने चार करोड़ की मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार
असम में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। सुरक्षाबलों ने राज्य के कछार जिले में एक संयुक्त अभियान के दौरान लगभग 3.49 करोड़ रुपए मूल्य की मेथामफेटामाइन टैबलेट्स जब्त की हैं…
असम में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। सुरक्षाबलों ने राज्य के कछार जिले में एक संयुक्त अभियान के दौरान लगभग 3.49 करोड़ रुपए मूल्य की मेथामफेटामाइन टैबलेट्स जब्त की हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है।
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई असम राइफल्स और असम पुलिस के संयुक्त अभियान का हिस्सा थी। सिलचर बाईपास रोड पर चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान, टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी में 1.363 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब 3.49 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, आरोपी के पास से एक स्कूटी और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तार किए गए आरोपी को जब्त नशीले पदार्थों और अन्य सामानों के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए असम पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985' के तहत कार्यवाही करेगी। इन टैबलेट्स को आमतौर पर 'याबा' या 'पार्टी टैबलेट' के नाम से जाना जाता है और इनमें मेथामफेटामाइन व कैफीन का मिश्रण होता है।
पूर्वोत्तर में बढ़ती ड्रग्स तस्करी
यह घटना इस क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी की बड़ी समस्या को उजागर करती है। यह अत्यंत व्यसनी सिंथेटिक ड्रग्स, जिसे 'क्रेजी ड्रग' भी कहते हैं, भारत में प्रतिबंधित है। यह उन प्रमुख नशीले पदार्थों में से है जिनकी तस्करी पड़ोसी देश म्यांमार से पूर्वोत्तर भारत में की जाती है। सिर्फ दो दिन पहले, 1 नवंबर को भी असम राइफल्स ने ढोलाई बाजार में करीब 40 करोड़ रुपए की 20 किलोग्राम 'क्रिस्टल मेथामफेटामाइन' जब्त की थी, जो इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक थी। मिजोरम और मणिपुर, म्यांमार के साथ अपनी लंबी सीमाओं के कारण, ड्रग्स तस्करी के मुख्य गलियारे बनकर उभरे हैं।
इनपुट: IANS



