त्रिपुरा: 1.74 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई में चालक फरार
त्रिपुरा के खोवाई जिले में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक संयुक्त अभियान में लगभग 1.74 करोड़ रुपये मूल्य का 340 किलोग्राम…
त्रिपुरा के खोवाई जिले में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक संयुक्त अभियान में लगभग 1.74 करोड़ रुपये मूल्य का 340 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। हालांकि, इस दौरान वाहन का चालक मौके से भागने में सफल रहा।
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन मंगलवार शाम को खुफिया जानकारी और लगातार निगरानी के आधार पर चलाया गया था। असम राइफल्स ने सीमा शुल्क अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने एक कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो उसमें से सूखा गांजा बरामद हुआ।
कानूनी कार्रवाई और तस्करी का नेटवर्क
अधिकारियों ने बरामद प्रतिबंधित सामग्री और जब्त की गई कार को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह बरामदगी पूर्वोत्तर में सक्रिय नशीले पदार्थों के तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए असम राइफल्स और अन्य सहयोगी एजेंसियों के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, राज्य में पुलिस, असम राइफल्स और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) मिलकर अक्सर अवैध गांजे की खेती को नष्ट करते हैं। यह खेती ज़्यादातर बांग्लादेश की सीमा से लगे सेपाहिजाला जिले जैसे इलाकों में होती है।
क्यों होती है त्रिपुरा में गांजे की खेती?
त्रिपुरा में उगाए गए गांजे की स्थानीय स्तर पर खपत नहीं होती। इसे तस्करी के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भेजा जाता है, जहाँ इसकी कीमत बहुत ज़्यादा मिलती है। गांजे की खेप को ट्रकों, छोटे वाहनों और यहाँ तक कि ट्रेनों से भी ले जाया जाता है।
पुलिस के मुताबिक, कई बार यह पाया गया है कि वन भूमि और अन्य सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण करके अवैध रूप से गांजे की खेती की जाती है। वहीं, स्थानीय निवासी, जिनमें महिलाएँ भी शामिल हैं, अपनी आजीविका चलाने के लिए पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में गांजे की खेती करने का दावा करते हैं। गौरतलब है कि एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गांजे की खेती, बिक्री, खरीद या सेवन एक गंभीर अपराध है, जिसमें भारी जुर्माना और 20 साल तक की कैद हो सकती है।
इनपुट: IANS



