गुवाहाटी: मुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान 'राइजर दल' का पुलिस पर ज्यादती का आरोप, कई कार्यकर्ता घायल
असम की क्षेत्रीय पार्टी 'राइजर दल' ने गुवाहाटी में अपने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आवास की ओर मार्च करते समय पुलिस…
असम की क्षेत्रीय पार्टी 'राइजर दल' ने गुवाहाटी में अपने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आवास की ओर मार्च करते समय पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं के साथ ज्यादती की, जिससे कई लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन विधायक अखिल गोगोई के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के समर्थक काले झंडे लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हिरासत में लिए गए लोगों में पार्टी के प्रमुख नेता धैर्य कोंवर और विद्युत सैकिया भी शामिल थे।
पुलिस पर बल प्रयोग और गंभीर चोटों का आरोप
राइजर दल ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेते समय अत्यधिक बल का प्रयोग किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके एक कार्यकर्ता अनंत अरंधारा को हिरासत के दौरान निजी अंगों में गंभीर चोट पहुंचाई गई, जब पुलिसकर्मियों ने उस हिस्से को ज़ोर से दबाया। इसके अलावा, पार्टी का दावा है कि कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी सिर और छाती में चोटें आई हैं।
पार्टी ने यह भी कहा कि बयान जारी होने तक कुछ घायल कार्यकर्ताओं को चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिल पाई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों की ओर से भी बल प्रयोग या प्रदर्शनकारियों को लगी चोटों के आरोपों पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक टकराव और जवाबदेही की मांग
यह घटना असम में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच हुई है, जहां राइजर दल और अन्य विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने राज्य प्रशासन और पार्टी के बीच एक नया टकराव खड़ा कर दिया है। राइजर दल ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए हिरासत के दौरान लगी कथित चोटों के लिए जवाबदेही की मांग की है।
इनपुट: IANS



