शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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असम में 5,800 से अधिक हाथी, मुख्यमंत्री सरमा ने बताया देश का दूसरा सबसे बड़ा ठिकाना

असम के घने जंगलों में 5,800 से ज़्यादा हाथी निवास करते हैं, जो इसे कर्नाटक के बाद भारत में हाथियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य बनाता है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को यह जानकारी…

असम में 5,800 से अधिक हाथी, मुख्यमंत्री सरमा ने बताया देश का दूसरा सबसे बड़ा ठिकाना
(फोटो: IANS)

असम के घने जंगलों में 5,800 से ज़्यादा हाथी निवास करते हैं, जो इसे कर्नाटक के बाद भारत में हाथियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य बनाता है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को यह जानकारी साझा करते हुए राज्य की समृद्ध वन्यजीव विरासत और देश के संरक्षण प्रयासों में इसके महत्व को रेखांकित किया।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इन आंकड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने असम की आध्यात्मिक पहचान से जोड़ते हुए कहा कि प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर की भूमि में हाथियों की इतनी बड़ी संख्या का होना स्वाभाविक और प्रतीकात्मक है। उन्होंने भगवान गणेश का उल्लेख करते हुए कहा, "जहां मां कामाख्या निवास करती हैं, वहां भगवान गजानन का भी मौजूद रहना स्वाभाविक है।"

वन्यजीव संरक्षण और चुनौतियां

असम अपनी जैव-विविधता के लिए जाना जाता है और यहां के जंगल एशियाई हाथियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास हैं। ये हाथी बीज फैलाकर और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में हाथियों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ता संपर्क एक गंभीर चुनौती भी है। इसके कारण अक्सर मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं होती हैं, जिससे जान-माल और फसलों का नुकसान होता है।

संरक्षण के प्रयास

इस संघर्ष को कम करना राज्य में संरक्षण प्रयासों का एक प्रमुख केंद्र बिंदु रहा है। सरकार हाथियों के आवासों की सुरक्षा, उनके आवागमन के लिए सुरक्षित गलियारे (कॉरिडोर) बनाए रखने और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर टकराव को न्यूनतम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम सरकार अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को राज्य की पहचान के एक अभिन्न अंग के रूप में बढ़ावा दे रही है। यह राज्य भारत के वन्यजीव संरक्षण में एक अहम योगदानकर्ता बना हुआ है।

इनपुट: IANS

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