असम की 'निजुत मोइना' योजना: शिक्षा के ज़रिए बाल विवाह रोकने की पहल
असम सरकार लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देकर बाल विवाह और स्कूल ड्रॉपआउट जैसी सामाजिक चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी प्रयास के तहत मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा…
असम सरकार लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देकर बाल विवाह और स्कूल ड्रॉपआउट जैसी सामाजिक चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी प्रयास के तहत मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 'मुख्यमंत्री निजुत मोइना' योजना को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिसका उद्देश्य छात्राओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए सशक्त बनाना है।
सोमवार को नवरात्रि के दूसरे दिन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने इस योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह योजना केवल एक छात्रवृत्ति नहीं, बल्कि "बाल विवाह और कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने के खिलाफ एक मजबूत कदम है।"
योजना के तहत आर्थिक सहायता
इस पहल के अंतर्गत, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में पढ़ रही छात्राओं को हर साल 10 महीने तक मासिक वित्तीय मदद दी जाती है। इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि इस प्रकार है:
- हायर सेकेंडरी: ₹1,000 प्रति माह
- अंडरग्रेजुएट (स्नातक): ₹1,250 प्रति माह
- पोस्टग्रेजुएट (स्नातकोत्तर): ₹2,500 प्रति माह
इस वित्तीय सहायता का लक्ष्य पढ़ाई से जुड़े खर्चों का बोझ कम करना और परिवारों को अपनी बेटियों की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सामाजिक बदलाव का संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल परिवारों के बीच लड़कियों की शिक्षा के महत्व को स्थापित करती है। उनके अनुसार, यह योजना यह संदेश देती है कि बेटियों को पढ़ाना एक सार्थक निवेश है। उन्होंने कहा कि जब कोई लड़की कम उम्र में शादी करने के बजाय किताबों को चुनती है, तो वह एक तरह की तपस्या कर रही होती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि युवा महिलाओं को उनके शैक्षिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिले। नवरात्रि के संदर्भ में उन्होंने योजना का लाभ उठाने वाली छात्राओं के लिए मां ब्रह्मचारिणी से आशीर्वाद मांगते हुए कामना की कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए एकाग्रता, समझदारी और साहस मिले।
इनपुट: IANS



